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कर्नाटक: विधायकों को ले जाने के लिए इसी बस का इस्‍तेमाल क्‍यों कर रहे हैं कांग्रेस-जेडीएस?

सर्वोच्च न्यायालय ने येदियुरप्पा को कर्नाटक विधानसभा में शनिवार (19 मई) शाम चार बजे बहुमत साबित करने के आदेश दिए हैं। कर्नाटक विधानसभा चुनावों में भाजपा ने 104 सीटें जीती है, लेकिन वह बहुमत के लिए जरूरी 112 सीटों में से आठ सीट दूर हैं, जबकि कांग्रेस ने 78 और जेडीएस ने 37 सीटें जीती हैं।

बेंगलुरु: कर्नाटक प्रदेश कार्यालय पर कांग्रेस विधायकों को ले जाने के लिए खड़ी बस। (Photo: PTI)

कर्नाटक में सरकार बनाने को लेकर चल रही जोड़-तोड़ में एक बस सेवा प्रदाता कंपनी का नाम चर्चा में है। कांग्रेस और जनता दल (सेक्‍युलर) अपने-अपने विधायकों को कर्नाटक से बाहर ‘सुरक्षित’ स्‍थानों पर पहुंचाने के लिए ‘शर्मा ट्रेवल सर्विसेज’ का इस्‍तेमाल कर रहे हैं। बीएस येदियुरप्‍पा के बहुमत परीक्षण से पहले भाजपा इन विधायकों को अपने पाले में करने की कोशिशें कर रही है। इसी वजह से सभी विधायकों को चार्टर्ड प्‍लेन के लिए लेफ्ट शासित केरल के कोचीन ले जाया गया है।

न्‍यूज18 की एक रिपोर्ट के अनुसार, शर्मा ट्रेवल्‍स की लग्‍जरी बसों में दर्जनों विधायक बैठकर निकले। इन्‍हें आखिरी बार कुरनूल में देखा गया जो हैदराबाद के रास्‍ते में पड़ता है। कांग्रेस ने अपने विधायकों को इधर-उधर करने की जिम्‍मेदारी अपने पुराने वफादार स्‍वर्गीय धनराज पारसमल शर्मा की बस कंपनी को दे रखी है। दोनों पार्टियों (कांग्रेस व जेडीएस) के विधायक सिर्फ इन्‍हीं बसों में सफर कर रहे हैं। मूल रूप से राजस्‍थान से आने वाले शर्मा 1980 के दशक में दक्षिण बेंगलुरु में पार्टी की राजनीति का हिस्‍सा थे। इसके बाद वह रियल एस्‍टेट के क्षेत्र में उतरे और धन अर्जित किया।

शर्मा दक्षिणी बेंगलुरु लोकसभा सीट से 1998 में कांग्रेस टिकट पर चुनाव भी लड़ चुके हैं। उन्‍हें वर्तमान केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने 1.5 लाख से ज्‍यादा वोटों के अंतर से हराया था। पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्‍हा राव, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी से शर्मा की नजदीकी की चर्चा होती रही है। 2001 में शर्मा का निधन हो गया। शर्मा ट्रांसपोर्ट को अब धनराज के बेटे सुनील कुमार शर्मा चलाते हैं। यह कंपनी यात्री सेवाओं के अलावा दक्षिण भारत के कई शहरों में कार्गो सेवाएं भी उपलब्‍ध कराती हैं।

सर्वोच्च न्यायालय ने येदियुरप्पा को कर्नाटक विधानसभा में शनिवार (19 मई) शाम चार बजे बहुमत साबित करने के आदेश दिए हैं। येदियुरप्पा ने गुरुवार को राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। कर्नाटक विधानसभा चुनावों में भाजपा ने 104 सीटें जीती है, लेकिन वह बहुमत के लिए जरूरी 112 सीटों में से आठ सीट दूर हैं, जबकि कांग्रेस ने 78 और जेडीएस ने 37 सीटें जीती हैं। कांग्रेस ने परिणाम आने के बाद जेडीएस को समर्थन देने का ऐलान किया है।

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