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गौरी लंकेश मर्डर केस: एसआईटी को मिली बड़ी कामयाबी, पांच महीने बाद हुई पहली गिरफ्तारी

पत्रकार और समाजसेवी गौरी लकेश हत्या मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने पहली गिरफ्तारी की है। एसआईटी को यह सफलता 5 महीने बाद हाथ लगी। गौरी लंकेश की हत्या पिछले साल 5 सितंबर को हुई थी। एसआईटी ने केटी नवीन कुमार को गौरी लंकेश की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया।

Author March 2, 2018 10:38 PM
पत्रकार गौरी लंकेश की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। (तस्वीर- फेसबुक)

पत्रकार और समाजसेवी गौरी लकेश हत्या मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने पहली गिरफ्तारी की है। एसआईटी को यह सफलता 5 महीने बाद हाथ लगी। गौरी लंकेश की हत्या पिछले साल 5 सितंबर को हुई थी। एसआईटी ने शुक्रवार (2 मार्च) को 37 वर्षीय केटी नवीन कुमार को गौरी लंकेश की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया। पुलिस के द्वारा 18 फरवरी को अवैध रूप से हथियार रखने के आरोप में गिरफ्तार किए गए केटी नवीन कुमार को इस मामले में पहला आरोपी माना गया था। एसआईटी ने बेंगलुरु की एक मजिस्ट्रेट कोर्ट को मांड्या के मद्दूर में रहने वाले केटी नवीन कुमार के खिलाफ हत्या से जुड़े साक्ष्य बरामद होने की जानकारी दी और उसे दबोच लिया। एसआईटी ने कोर्ट को यह भी बताया कि आरोपी के खिलाफ अवैध हथियार रखने को लेकर जांच चल रही थी, जिसके लिए उसे 18 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था। केटी नवीन कुमार की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी ने पहले वॉरंट की मांग की थी।

अवैध असलहों के केस में पुलिस हिरासत में जाने के बाद केटी नवीन कुमार के कुछ मित्रों ने उसके गौरी लंकेश की हत्या से जुड़े होने को लेकर स्वैच्छिक बयान दिए थे। जब कुमार को महानगरीय मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया गया तब एसआईटी ने कोर्ट को गौरी लंकेश की हत्या में शामिल होने को लेकर कुमार के दिए गए इकबालिया बयान की मुहरबंद कॉपी सौंपी। एक सहायक सरकारी अभियोजक निर्मला रानी ने कोर्ट में नवीन कुमार को आठ दिनों की हिरासत में भेजने के लिए याचिका लगाई थी ताकि बड़े षणयंत्र और हत्याकांड में इस्तेमाल किए गए सामान से पर्दा उठ सके। निर्मला रानी ने बताया कि फिलहाल एक आरोपी का नाम इस मामले में सामने आया है। जांच के बाद और लोगों के नामों से पर्दा उठेगा। इस संदिग्ध को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर खोजा गया।

नवीन कुमार को 18 फरवरी को पश्चिम बेंगलुरु में अपपरपेट थाने के अधिकार क्षेत्र में गिरफ्तार किया गया था, उसके खिलाफ क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी ने शिकायत की थी कि वह शहर के बस अड्डे में प्रतिबंधित गोलियां ले जा रहा था। अपपरपेट केस की जांच में सामने आया कि कुमार ने अपने मद्दूर के कुछ दोस्तों से असलहा-बारूद के बारे में बातें करते वक्त गौरी लंकेश की हत्या से जुड़े होने के संकेत दिए थे। जांच में पता चला कि कुमार कट्टरपंथी हिंदुत्व संगठन हिन्दू युवा सेना से जुड़ा था। उसके संबंध सनातन संस्था संगठन और उससे संबंधित हिन्दू जनजाग्रति समिति से भी मिले।

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