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फर्म पर ईडी ने लगाया 1.86 करोड़ का जुर्माना, मंत्री को पैसा दे केस खत्‍म कराने का आरोप

एम्बिडेंट मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड के मालिकों ने 20 करोड़ रुपए कथित तौर पर रेड्डी के भेजे ताकि ईडी की जांच को खत्म किया जा सके। रकम 18 करोड़ के सोने और दो करोड़ के कैश के रूप में भेजी गई।

Author November 11, 2018 12:33 PM
कर्नाटक की भाजपा सरकार में कैबिनेट मिनिस्टर रहे जनार्दन रेड्डी। (PTI PHOTO)

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक निजी फर्म पर फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के उल्लंघन के आरोप में 1.86 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया। आरोप है कि फर्म ने कर्नाटक में भाजपा के पूर्व कैबिनेट मिनिस्टर जर्नादन रेड्डी को ईडी द्वारा दाखिल केस को खत्म कराने के लिए इस साल की शुरुआत में कथित तौर पर 20 करोड़ रुपए दिए। धोखाधड़ी के इस मामले में सामने आया कि एम्बिडेंट मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड के मालिकों ने 20 करोड़ रुपए कथित तौर पर रेड्डी को भेजे ताकि ईडी की जांच को खत्म कराया जा सके। रकम 18 करोड़ के सोने और दो करोड़ के कैश के रूप में भेजी गई। दरअसल ईडी को आयकर विभाग ने 13, नवबंर, 2017 को एक पत्र भेजा, जिसमें बताया गया कि एम्बिडेंट मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड विदेशी मुद्रा व्यापार के कारोबार में लिप्त है। इसके बाद फर्म से जुड़े ठिकानों पर चार जनवरी और पांच जनवरी को तलाशी ली गई।’

2 फरवरी, 2018 को दर्ज शिकायत के मुताबिक FEMA उल्लंघन के मामले में ज्वाइंट डायरेक्टर ने निर्णय लिया और कंपनी पर 1.86 करोड़ रुपए जुर्माना तय किया गया। इसके अलावा एम्बिडेंट लोकेशन पर जब छापेमारी की गई तब 1.97 करोड़ जब्त किए गए। ईडी की एम्बिडेंट मार्केटिंग जांच में यह भी सामने आया कि कंपनी ने इसकी शुरुआत 20 दिसंबर, 2016 से जमाकर्ताओं से कुल 954 करोड़ रुपए अलग-अलग स्कीमों के तहत लिए। बाद में ईडी ने आरबीआई को इस मामले में जमाकर्ताओं और निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए पत्र लिखा, जिन्हें इस्लामी बैंकिंग या हलाल निवेश के नाम पर ठगा गया। ईडी ने आठ नवंबर को अपने आधिकारिक बयान में ये बात कही है। वहीं भाजपा के पूर्व कैबिनेट मिनिस्टर जर्नादन रेड्डी जो साल 2012 से 2017 तक ईडी की रडार पर थे और इस दौरान एजेंसी ने अवैध खनन से मनी लॉंडरिंग के मामले में उनकी 884 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया था। हालांकि कर्नाटक हाईकोर्ट ने साल 2017 में तकनीकी आधार पर मामले को रद्द कर दिया था।

मामले में जांच कर रही ईडी ने एक बयान में बताया कि सात नवंबर को रेड्डी अचानक गायब हो गए। यहां तक सीसीबी पुलिस ने भी उन्हें खूब खोजा। ईडी ने बताया कि रेड्डी उस वक्त गायब हो गए जब उनसे एजेंसी से केस खत्म करने के नाम पर एम्बिडेंट से बीस करोड़ लेने के मामले में पूछताछ की जानी थी। हालांकि शनिवार को वह राज्य के केंद्रीय अपराध शाखा के समक्ष पूछताछ के लिए पेश हुए। सीसीबी के एक अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा, ‘करोड़ों रुपये के पोंजी स्कीम मामले में संलिप्तता के आरोप के सिलसिले में रेड्डी अपने वकील के साथ जांच अधिकारी के समक्ष पेश हुए।’

अपराध शाखा के समक्ष पेश होने से पहले स्थानीय टीवी चैनलों पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें रेड्डी कह रहे हैं कि वह ना तो हैदराबाद में छुपे हैं और ना ही भगोड़ा हैं। रेड्डी ने वीडियो क्लिप में कहा कि कुछ टीवी चैनल चला रहे हैं कि वह हैदराबाद में हैं, जबकि मैं बेंगलुरू में ही हूं और अपराध शाखा के समक्ष पेश होने जा रहा हूं।

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