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बेंगलुरु में BJP नेता की आंख में मिर्च झोंक उतारा मौत के घाट

हरीश के परिवारवालों और दोस्तों ने शक जाहिर किया है कि बीजेपी नेता के विरोधी उसके राजैनतिक कद को बढ़ता हुए देख कर खुश नहीं थे और हो सकता है कि उन्होंने हरीश की हत्या करवाई हो।

इस तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है (फाइल फोटो)

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में बीजेपी नेता की हत्या का मामला सामने आया है। बेंगलुरु के बाहरी इलाके में अनेकल के पास कुछ लोगों ने बीजेपी नेता का मर्डर कर दिया। पुलिस के मुताबिक मरने वाले बीजेपी नेता की पहचान हरीश नाम के शख्स के रूप में हुई है। वह बीजेपी की अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति युवा मोर्चा की अनेकल ईकाई के उपाध्यक्ष थे। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक घटना बुधवार रात को घटित हुई जब हरीश बार और रेस्टोरेंट में दोस्तों से मुलाकात करके अपने घर लौट रहा था। पुलिस के मुताबिक हमलावरों ने बाइक से जा रहे हरीश को रास्ते में रोक लिया। मारने से पहले हमलावरों ने उसकी आंखों में मिर्ची पाउडर डाला है। इसके बाद उसकी हत्या कर दी।

पुलिस को संदेह है कि बीजेपी नेता की हत्या के पीछे व्यक्तिगत प्रतिद्वंद्विता कारण हो सकती है। पुलिस ने इस मामले में हमलवारों की तालाश शुरू कर दी है। हरीश के परिवारवालों और दोस्तों ने शक जाहिर किया है कि बीजेपी नेता के विरोधी उसके राजैनतिक कद को बढ़ता हुए देख कर खुश नहीं थे और हो सकता है कि उन्होंने हरीश की हत्या करवाई हो। वहीं, कर्नाटक बीजेपी के अध्यक्ष और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदुरप्पा ने कहा कि बीजेपी कार्यकर्ताओं पर हमली की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। साथ ही उन्होंने सिद्दारमैया सरकार पर चार साल में कानून व्यवस्था के मोर्च पर फेल होने का आरोप लगाया है।

इसी साल मार्च महीने में भारतीय जनता पार्टी के नगर पालिका सदस्य की बेंगलुरु में ही अज्ञात हमलावरों ने हत्या कर दी। किथागनहल्ली वासु नाम के यह नेता बेंगलुरु की बोम्मासांद्रा नगरपालिका से जुड़े हुए थे। जिस समय भाजपा नेता पर हमला हुआ तब वो सुबह के समय टहलने निकले थे। वासु की पत्नी जिला पंचायत सदस्य हैं। इससे पहले पिछले साल अक्टूबर महीने में बेंगलुरू में आरएसएस नेता की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। रुद्रेश शिवाजी नगर में आरएसएस का मंडल सचिव था। वे अपनी बाइक रोककर तीन दोस्तों से बात कर रहा था, तभी दूसरी बाइक पर सवार 2 लोगों ने एक धारदार हथियार से उस पर हमला कर दिया। मामले पर प्रतिक्रिया देते हुये आरएसएस के मीडिया समन्वयक राजेश पदमार ने कहा, “पिछले दो सालों में आरएसएस-विहिप-भाजपा के 10 से अधिक कार्यकर्ताओं की हत्या की गयी है। यह लोकतांत्रिक शासन में एक खतरनाक घटनाक्रम है।”

 

 

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