Bengaluru Techie Finds Man Who Molested Her On A Moving Bus, Gets Him Arrested In 15 Minutes - महिला इंजीनियर से बस में छेड़छाड़ करने वाले को 'पिंक हौसला' पुलिस नें 15 मिनट में किया गिरफ्तार - Jansatta
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महिला इंजीनियर से बस में छेड़छाड़ करने वाले को ‘पिंक हौसला’ पुलिस नें 15 मिनट में किया गिरफ्तार

सिटी पुलिस ने हाल ही में नो यॉर पुलिस स्टेशन नाम की ऐप को लॉन्च किया था इसी से पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई।

पीड़ित ने बस में बैठे-बैठे ही मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए बेलंदूर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। (Photo: Twitter)

बैंगलुरू में एक महिला इंजीनियर से बस में छेडछाड़ करने वाले व्यक्ति को पुलिस ने महज 15 मिनट में गिरफ्तार कर लिया। महिला इंजीनियर अपने ऑफिस से घर लौटने के लिए बैंगलुरू महानगर परिवहन निगम (बीएमटीसी) की बस में चढ़ी। बस में काफी भीड़ थी। वह सीट पर जाकर बैठ गई। इंजीनियर की सीट के पीछे वाली सीट पर मधुसूदन राव नाम का एक आदमी बैठा था। उसकी उम्र करीब 47 साल थी। पुलिस के मुताबिक जैसे ही वह आकर बैठी उसके बाद मधुसूदन उसके साथ दुर्व्यवहार करने लगा और उसे छूने लगा। पीड़ित ने बस में बैठे-बैठे ही मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए बेलंदूर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। सिटी पुलिस ने हाल ही में नो यॉर पुलिस स्टेशन नाम की ऐप को लॉन्च किया था इसी से पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस को जैसे ही इसकी शिकायत मिली तो एक पुलिस की पेट्रोलिंग कार ने बस का पीछा किया। इसके बाद पुलिस ने आउटर रिंग रोड पर मधुसूदन राव को बस से गिरफ्तार कर लिया। यह सब इतनी जल्दी हुआ कि मधुसूदन को इस बात का जरा भी अंदेशा नहीं लग पाया कि कब पीड़ित ने उसकी शिकायत पुलिस में कर दी। कब पुलिस पहुंच गई। महिला इंजीनियर द्वारा पुलिस में शिकायत करने से लेकर मधुसूदन को गिरफ्तार करने में महज 15 मिनट का वक्त लगा। मधुसूदन को पिंक हौसला पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

आपको बता दें कि पिछले महीने ही कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने महिलाओं और बच्चें की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बैंगलुरू में 51 पिंक हौसला नाम के गश्ती वाहन लांच किए थे। इन गश्ती वाहनों से महिला पुलिस गश्त करती है। जिसका मुख्य मकसद महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए खतरा होने पर तुरंत प्रतिक्रिया देना है। इन 51 गश्ती कारों में प्रत्येक में इंटरनेट और जीपीएस सिस्टम उपलब्ध है। वाहनों के साथ साथ सुरक्षा के लिए मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया गया था। जरूरी कार्यवाही के लिए ऐप से सभी एसओएस कॉल डेस्टीनेशन के करीब मौजूद पिंक हौसला तक पहुंचाए जाते हैं।

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