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ब्रेन ट्यूमर से खतरे में थी जिंदगी, अब बनीं मिसेज कर्नाटक

सोनिया का इलाज करने वाले ब्रेन्स हॉस्पिटल के डॉ वेंकट रमणा कहते हैं कि, "सोनिया का ट्यूमर ब्रेन के उस हिस्से में था जिसे सर्जरी कर निकालना काफी मुश्किल था, ज्यादातर युवा मरीजों को जब ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित होने की जानकारी मिलती है तो वे डिप्रेशन में चले जाते हैं इससे हालत और भी खराब हो जाती है।

mrs Karnataka 2018, beauty contest, sonia singh, brain tumour, banglore, Hindi news, News in Hindi, Jansattaमिसेज कर्नाटक 2018 सोनिया सिंह (फोटो सोर्स-Facebook/@mrsikofficial)

बैंगलुरु की रहनी वाली सोनिया सिंह की जिंदगी में साल 2013 उठा पटक लेकर आया। सब कुछ ठीक चल रहा था, सोनिया अपने तीन महीने के बेटे की परवरिश में व्यस्त थी। तभी उसे अचानक बेहोशी के दौरे आने लगी। कई बार चेक करने और सीटी स्कैन के बाद पता चला है कि उसके दिमाग में एक ट्यूमर है। इस खुलासे के बाद सोनिया सिंह की हंसी-खुशी जिंदगी पर मानो मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा। लेकिन अब 31 साल की हो चुकी सोनिया ने इन मुसीबतों को अलविदा कह दिया है। सोनिया ने हाल ही में अपने सिर पर मिस कर्नाटक का ताज पहना है। सोनिया सिंह अब खुद का बिजनेस शुरू करना चाहती है।

ब्रेन ट्यूमर से निजात की जंग बताते हुई सोनिया कहती है कि गुजरे पांच साल के हर दिन उसके लिए चुनौती के समान थे। सोनिया का इलाज करने वाले ब्रेन्स हॉस्पिटल के डॉ वेंकट रमणा कहते हैं कि, “सोनिया का ट्यूमर ब्रेन के उस हिस्से में था जिसे सर्जरी कर निकालना काफी मुश्किल था, ज्यादातर युवा मरीजों को जब ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित होने की जानकारी मिलती है तो वे डिप्रेशन में चले जाते हैं इससे हालत और भी खराब हो जाती है, लेकिन सोनिया ने सिर्फ बहादुरी से इसका सामना किया, बल्कि उसने अपना व्यक्तित्व भी बदल लिया, वह जिंदगी को लेकर काफी साकारात्मक बन गई, उसने अंपनी कंपनी भी शुरू की।” डाक्टर रमणा ने कहा कि किस्मत से अच्छी बात ये थी कि ट्यूमर कैंसर का कारण नहीं बना।

सोनिया सिंह ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि ब्यूटी कॉन्टेस्ट में शिरकत करना आसान नहीं था। उन्होंने कहा, “ब्यूटी कॉन्टेस्ट में हाई हील्स पहनना मुश्किल था, ट्यूमर ब्रेन के उस हिस्से में था जहां से स्पाइनल कोर्ड की गतिविधियां संचालित होती है, इसलिए हाई हील्स पर खड़ा होना आज भी मेरे लिए मुश्किल है, कई घंटों तक खड़े होने की वजह से पैरों में सूजन आ गये, जबकि नींद की कमी और थकान की वजह से कॉन्टेस्ट के दौरान मेरे चेहरों में भी सूजन आ गया था।” सोनिया पहले एयर होस्टेस थी, लेकिन बीमारी के बाद वह मोटिवेशनल स्पीकर बन गई है, सोनिया ने अब खुद की कंपनी खोल ली है। सोनिया सिंह का कहना है मुश्किल घड़ी का सामना ही व्यक्ति की शख्सियत बदल देती है।

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