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कावेरी विवाद: सर्वदलीय प्रस्ताव में कर्नाटक सरकार से पानी का उपयोग केवल पीने के लिए करने का आह्वान

कावेरी निगरानी समिति ने 19 सितंबर को कर्नाटक को 21-30 सितंबर के दौरान 3000 क्यूसेक पानी रोजाना छोड़ने को कहा था लेकिन शीर्ष अदालत ने 20 सितंबर को यह मात्रा दोगुनी कर दी।
Author बेंगलुरु | September 23, 2016 20:18 pm
कावेरी जल विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ कर्नाटक बंद के दौरान कन्नड़ समर्थक कार्यकर्ताओं ने टायर जलाकर राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया। (PTI Photo by Shailendra Bhojak/ 9 Sep, 2016)

कर्नाटक विधानसभा के विशेष सत्र में सरकार से कावेरी जल का इस्तेमाल केवल पेयजल जरूरतों को पूरा करने का आह्वान करते हुए एक प्रस्ताव पेश किया गया जिसका तात्पर्य है कि यह राज्य तमिलनाडु के लिए पानी छोड़ने के उच्चतम न्यायालय के नवीनतम निर्देश का पालन नहीं कर सकता है। ‘गंभीर कठिनाई की दशा’ का उल्लेख करते हुए प्रस्ताव में कहा गया है कि यह अनिवार्य है कि सरकार यह सुनिश्चित करे कि कावेरी बेसिन के गांवों एवं शहरों तथा बेंगलुरु की पीने के पानी की जरूरतों को पूरा करने को छोड़कर अन्य किसी जरूरत के लिएर वर्तमान भंडार से पानी नहीं छोड़ा जाए। इस प्रस्ताव पर सभी दलों ने हामी भरी है।

प्रस्ताव ने कहा है कि यदि बेंगलुरु समेत कावेरी बेसिन के सभी क्षेत्रों के लोगों की पेयजल जरूरतों को पूरा करने सिवा किसी अन्य जरूरत के लिए कावेरी बेसिन के चार जलाशयों में पानी घटा तो राज्य के बाशिंदों के हित गंभीर रूप से खतरे में पड़ जाने की आशंका है। विपक्षी भाजपा नेता जगदीश शेट्टार द्वारा अंग्रेजी एवं जेडीएस के वाई एस वाई दत्ता द्वारा कन्नड़ में पेश इस प्रस्ताव में शीर्ष अदालत के उस निर्देश का जिक्र नहीं है जिसमें कर्नाटक को तमिलनाडु के लिए रोजाना 6000 क्यूसेक पानी छोड़ने का निर्देश है। लेकिन उम्मीद है कि ऐसी स्थिति में कर्नाटक न्यायपालिका के साथ टकराव की ओर बढ़ेगा।

कावेरी निगरानी समिति ने 19 सितंबर को कर्नाटक को 21-30 सितंबर के दौरान 3000 क्यूसेक पानी रोजाना छोड़ने को कहा था लेकिन शीर्ष अदालत ने 20 सितंबर को यह मात्रा दोगुनी कर दी क्योंकि तमिलनाडु ने अपनी सांबा धान फसल को बचाने के लिए पानी की जरूरत का उल्लेख किया था। न्यायालय ने साथ ही केन्द्र को कावेरी जल विवाद पंचाट के निर्देश के तहत चार हफ्ते के भीतर कावेरी जल प्रबंधन बोर्ड गठित करने का निर्देश दिया।

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