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कांग्रेस शासित राज्य में किसानों के साथ मजाक, तीन साल का सूखा, बदले में मिला 1 रुपए मुआवजा

हुबली में फसल सूखने की एवज में यहां किसानों को मुआवजा राशि दी गई। लेकिन मुआवजे के नाम पर यहां किसानों को महज एक से रुपए तीन हजार रुपए तक मुआवजा दिया गया है।

सरकार द्वारा दी गई मुआवजा राशि का चैक दिखाते सूबे के किसान (फोटो सोर्स एएनआई)

किसानों के हितों की बात करने वाली कर्नाटक सरकार ने किसानों से मुआवजा के नाम पर मजाक किया है। दरअसल हुबली में तीन साल तक फसल सूखने की एवज में यहां किसानों को मुआवजा राशि दी गई। लेकिन मुआवजे के नाम पर यहां किसानों को महज एक से रुपए तीन हजार रुपए तक मुआवजा दिया गया है।

कर्नाटक में इस वक्त कांग्रेस की सरकार है। कांग्रेस वक्त-वक्त पर किसानों के प्रति मोदी सरकार के रवैये पर निशाना साधती रही है। न्यूज 18 की खबर के मुताबिक, विजयपुरा, धारवाड़, हासन और कोप्पल जिले के लोगों को राज्य के राजस्व विभाग ने यह मुआवजा दिया। कुछ जगहों पर अधिकारियों ने कहा वह चैक कर रहे थे कि आधार कार्ड से जोड़ने के बाद पैसा सही अकाउंट में जा रहा है या फिर नहीं। लेकिन किसानों को इससे संतुष्टि नहीं हुई।

कर्नाटक में बीजेपी विपक्ष की पार्टी है। उनकी तरफ से शुक्रवार को यह बात विधानसभा में उठाई गई। जमकर हंगामा हुआ। बीजेपी के जगदीश शेट्टर ने यहा कि सरकार किसानों के साथ भिखारी की तरह पेश आ रही है जिसके लिए उसको शर्म आनी चाहिए।

पिछले सूखे की वजह से किसानों को लाखों का नुकसान हुआ। कर्नाटक में पिछले छह फसलें सूखे की वजह से खराब हो गईं। इस वजह से किसान सरकार से मुआवजे की आस में थे।

कांग्रेस की तरफ से राज्य के गृह मंत्री जी परमेश्वरा ने कहा कि वह मामले की पूरी जानकारी ले रहे हैं। वहीं पशुपालन मंत्री ए मंजू ने आधार कार्ड की वजह से हुई चैकिंग की बात कही। खबर के मुताबिक, मंजू ने कहा कि एक लाख खातों को आधार के साथ जोड़ा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि मुआवजे का पैसा नेशनल पेमेंट ऑफ इंडिया से आता है। उनका काम बस यह पता करना होता है कि कितने अकाउंट हैं और किसको कितना मुआवजा दिया जाना चाहिए।

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