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कर्नाटक में फिर बवाल, आदि शंकराचार्य की प्रतिमा पर सियासी झंडा, बीजेपी के निशाने पर SDPI

भाजपा सांसद शोभा करंदलाजे ने ट्वीट करते हुए लिखा कि 'एसडीपीआई ने असहिष्णुता ने हद पार कर दी। असामाजिक तत्व उकसावे वाली हरकतें कर रहे हैं।

bengaluru violence karnataka adi shankaracharya pfi sdpiआदि शंकराचार्य की प्रतिमा के ऊपर यह झंडा मिला है, जिस पर विवाद हो गया है। (इमेज सोर्स – ट्विटर/शोभा करांदलजे)

कर्नाटक में बीते दिनों में हुए सांप्रदायिक तनाव की घटना के बाद फिर इसी तरह का मामला सामने आता दिख रहा है। राज्य के चिकमंगलुरु जिले के श्रींगेरी में स्थापित आदि शंकराचार्य की मूर्ति के छत्र पर एक झंडा मिलने से विवाद के हालात बनते दिख रहे हैं। स्थानीय भाजपा नेता ने दावा किया है कि यह झंडा सोशलिस्ट डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) का है।

बेंगलुरु में हुए दंगों के लिए बीजेपी एसडीपीआई को, जो कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) की राजनीतिक शाखा है, जिम्मेदार ठहराती रही है, जिसमें तीन लोग मारे गए थे।।

वहीं जिले के पुलिस अधीक्षक हक्कय अक्षय मचिन्द्र ने बताया कि कि यह कोई परम्पगत इस्लामिक झंडा नहीं है। फिर भी हम मामला दर्ज कर के इसकी जाँच कर रहे हैं कि इसका सम्बन्ध किसी पार्टी से है या नहीं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हम इसकी भी जांच कर रहे हैं कि यह झंडा तेज हवा और बारिश के कारण कहीं से उड़कर तो नहीं आया है।

राज्य के भाजपा नेताओं ने भी इस घटना का खुलकर विरोध किया है। भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री एसए रामदास ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि “मुझे जानकारी मिली है कि एसडीपीआई का झंडा शंकराचार्य की प्रतिमा पर लगा दिया गया। मैंने अधिकारियों से दोषी को गिरफ्तार करने को कहा है। हमारी सरकार ऐसे असामाजिक तत्वों को बर्दाश्त नहीं करेगी।’’ इसके साथ ही उन्होंने वह तस्वीर भी साझा की जिसमें छत्र पर झंडा दिख रहा है।

इनके अलावा भाजपा सांसद शोभा करंदलाजे ने ट्वीट करते हुए लिखा कि ‘एसडीपीआई ने असहिष्णुता ने हद पार कर दी। असामाजिक तत्व उकसावे वाली हरकतें कर रहे हैं। मैं इस घटना की निंदा करती हूँ और साथ ही प्रशासन से आग्रह करती हूँ कि ऐसे लोगों पर कठोर कार्रवाई की जाये।’

वहीं एसडीपीआई के कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष इलियास मोहम्मद तुम्बे ने कहा है कि यह हमारा झंडा नहीं है। आप चाहे तो वेबसाइट पर जा कर तुलना कर सकते हैं। यह सब आरएसएस की साजिश है। वे हमारा नाम बेंगलूरू की घटना से जोड़ना चाहते हैं। श्रींगेरी में हमारी पार्टी की कोई शाखा ही नहीं है। यह झंडा किसी पास की मस्जिद से उड़ कर आया होगा।

बता दें कि हाल ही में बेंगलुरू में हुई हिंसा में 3 लोगों की मौत हो गई थी और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे। दरअसल कांग्रेस नेता के भतीजे ने कथित तौर पर सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक भावनाएं आहत करने वाली पोस्ट कर दी थी, जिसके बाद लोगों की भीड़ ने शहर में उत्पात मचाया और कांग्रेस विधायक के घर में आग लगा दी थी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में तीन लोग मारे गए थे। इस घटना में भी पीएफआई से जुड़े लोगों के नाम सामने आए थे।

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