भगवा रंग में रंगे नजर आए कर्नाटक पुलिसकर्मी तो शुरू हुआ टीका टिप्पणी का दौर, पिछले दिनों संघ परिवार की गतिविधि के कारण हुआ था बवाल; सिद्धारमैया बोले- ‘यूपी जैसा जंगलराज’

कर्नाटक में पुलिसकर्मियों के भगवा कपड़े पहनने के बाद सिद्धारमैया ने बीजेपी सरकार पर हमला बोलते हुए सीएम से इस्तीफे की मांग की है। सिद्धारमैया ने कहा कि यहां योगी आदित्यनाथ का जंगल राज नहीं है, सीएम इस्तीफा देकर घर चले जाएं।

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भगवा कपड़ा पहने कर्नाटक के पुलिसकर्मी (फोटो- @DKShivakumar)

कर्नाटक में पुलिसकर्मियों के भगवा रंग के कपड़े पहनने से हंगामा मच गया है। राज्य की राजनीति में विपक्ष, सरकार पर इस मामले को लेकर हमलावर हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इसे ‘यूपी के जंगलराज’ से तुलना कर दी है।

कर्नाटक में विजयादशमी के दिन भगवा कपड़े पहने पुलिसकर्मियों की तस्वीरें सामने आई हैं। हाल के महीनों में कर्नाटक में आरएसएस की गतिविधियों में तेजी देखी गई थी और कई विवाद भी सामने आए थे। इन तस्वीरों में एसपी समेत विजयपुरा ग्रामीण पुलिस स्टाफ सफेद कपड़े और भगवा गमछा पहने नजर आ रहे है। जबकि उडुपी के कौप पुलिस स्टेशन में, पुलिसकर्मियों ने भगवा शर्ट और सफेद धोती पहन रखा है।

सिद्धारमैया ने इसे लेकर कई ट्वीट्स कर मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा पहने गए भगवा कपड़ों ने जनता को गलत संदेश दिया है। कांग्रेस नेता ने कहा- “आपने पुलिस के लिए केवल वर्दी क्यों बदली है, मिस्टर बोम्मई? उन्हें एक त्रिशूल और हिंसा करने की अनुमति भी दें। इस तरह, जंगल राज स्थापित करने का आपका सपना पूरा हो जाएगा”।

एक अन्य ट्वीट में सिद्धारमैया ने कहा “कर्नाटक में पुलिस नैतिक पुलिसिंग के मुख्यमंत्री के बचाव से सबक लेती दिख रही है और अपने पुलिस थानों के अंदर देश के कानून को बंद कर दिया है। कर्नाटक का त्रुटिहीन और जनहितैषी शासन का सम्मानजनक इतिहास रहा है। यह आपके योगी आदित्यनाथ का जंगल राज नहीं है। यदि बोम्मई संवैधानिक रूप से मजबूत सरकार प्रदान करने में सक्षम नहीं हैं, तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए और घर जाना चाहिए”।

सिद्धारमैया ने आरोप लगाया कि संघ परिवार के कार्यकर्ता और पुलिस, परंपरा और धर्म के नाम पर कपल को प्रताड़ित करने में लिप्त हैं। भाजपा नेता अपराधियों का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘निर्दोष युवकों और युवतियों के खिलाफ पुलिस पहले बर्बरता करती है। इसके बाद विधायक आरोपी को थाने से रिहा कर ले जाते हैं… फिर त्रिशूल बांटकर हिंसा का आह्वान किया जाता है।

कौप पुलिस स्टेशन के एक सब-इंस्पेक्टर राघवेंद्र ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने पिछले साल ब्रह्मवर पुलिस स्टेशन में इसी तरह की पूजा का आयोजन किया था, जहां वह तब तैनात थे। उन्होंने कहा, ‘इसमें कुछ भी असामान्य नहीं है। यह केवल एक परिवार की तरह काम करने वाले सभी पुलिस थाने के कर्मियों की विजयादशमी सभा थी।

भाजपा के उडुपी विधायक रघुपति भट ने मीडिया से बात करते हुए सिद्धारमैया पर एक सवाल करते हुए कहा कि वो भगवा रंग से क्यों डरते हैं, इसे हम प्राचीन काल से पूजते हैं?”

सत्तारूढ़ पार्टी के एक विधायक, उमानाथ कोटियन ने हाल ही में मैंगलोर के एक पुलिस स्टेशन से दो कार्यकर्ताओं को जमानत पर रिहा करवा दिया था। इन्हें कार में एक साथ यात्रा करने के लिए हिंदू और मुस्लिम धर्मों के युवकों और महिलाओं को परेशान करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पिछले हफ्ते, विश्व हिंदू परिषद ने मैंगलोर और उडुपी में आयोजित कार्यक्रमों में बजरंग दल के नए सदस्यों के बीच त्रिशूल बांटे थे। इन सबको लेकर राज्य में कई बार विवाद हो चुका है।

राजनेताओं के आरोप-प्रत्यारोप के बीच कर्नाटक पुलिस ने इसे मामले को लेकर सभी पुलिसकर्मियों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। एडवाइजरी में भविष्य में कपड़ों को लेकर सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।

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