मैसूर में उर्दू अखबार के चीफ एडिटर पर हमला! दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं पर पिटाई करने का आरोप, जानें- क्या है पूरा विवाद?

मैसूर जिला पत्रकार संघ (एमडीजेए) के अध्यक्ष एस टी रविकुमार ने भी पत्रकार के ऊपर हुए हमले की निंदा की और पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

कर्नाटक के मैसूर में दक्षिणपंथी समूह द्वारा आयोजित एक विरोध प्रदर्शन को कवर करने पहुंचे स्थानीय उर्दू अख़बार के संपादक मोहम्मद सफ़दर कैसर के साथ कार्यकर्ताओं ने मारपीट की। (एक्सप्रेस फोटो)

DARSHAN DEVAIAH BP.

कर्नाटक के मैसूर में उर्दू अख़बार के चीफ एडिटर पर हमले की खबर सामने आई है। कहा जा रहा है कि दक्षिणपंथी समूह द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को कवर करने के दौरान दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं ने पत्रकार के साथ पिटाई की है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार मैसूर में हिंदू जागरण वेदिके नाम की एक संस्था ने जिले में हिन्दू मंदिरों को तोड़े जाने को लेकर मैसूर पैलेस के उत्तरी द्वार पर एक विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया था। इस कार्यक्रम को कवर करने के लिए स्थानीय उर्दू अखबार द डेली कौसर के मुख्य संपादक मोहम्मद सफ़दर कैसर भी पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान जब पत्रकार ने दक्षिणपंथी समूह के नेताओं के भाषण को रिकॉर्ड करना शुरू किया तो कुछ कार्यकर्ता उनके पास पहुंच गए और उनसे रिकॉर्डिंग नहीं करने के लिए कहा। 

दक्षिणपंथी समूह के कार्यकर्ताओं ने कैसर से रिकॉर्ड किए गए भाषणों को डिलीट करने को भी कहा। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने बिना कुछ बोले ही कैसर के साथ मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान वहां मौजूद रहे पुलिसकर्मी पत्रकार को बचाने के लिए दौड़े और उन्हें भीड़ से छुड़ाकर मैसूर महल के पास स्थित एक मंदिर में ले गए। मंदिर में भी दक्षिणपंथी संगठन के सदस्यों ने उसे लाठी से पीटने की कोशिश की। 

इस पूरे मामले पर पत्रकार कैसर ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत करते हुए आपबीती बताई। कैसर ने कहा कि मैं वहां विरोध प्रदर्शन को कवर करने के लिए गया था और अन्य पत्रकारों की तरह ही भाषणों के वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था। इसी दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने मुझसे मेरा पहचान पत्र मांगा जिसपर मैंने उनसे पूछा कि वे सिर्फ मुझसे ही क्यों पहचान पत्र मांग रहे हैं? उन्होंने मेरी एक नहीं सुनी और बिना कोई कारण बताए हुए मुझपर हमला करना शुरू कर दिया। साथ ही उन्होंने पुलिस का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि मुझपर हमला होने के तुरंत बाद ही  पुलिस वहां पहुंच गई और उन्होंने मुझे भीड़ से बचा लिया। 

कैसर ने कहा कि मैं एक मीडियाकर्मी के रूप में काम कर रहा था और मेरे साथ मारपीट की गई। कैसर ने इस मामले में पुलिस के पास अपनी शिकायत दर्ज करा दी है। कैसर ने शहर के देवराजा थाने में शिकायत दर्ज कराई है। मैसूर के डीसीपी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रदीप गुंती ने भी पत्रकार से शिकायत ली और उस दौरान मौके पर मौजूद रहे अन्य मीडियाकर्मियों से भी घटना की जानकारी ली। इस बीच मैसूर जिला पत्रकार संघ (एमडीजेए) के अध्यक्ष एस टी रविकुमार ने भी हमले की निंदा की और पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही उन्होंने इस तरह के विरोध प्रदर्शनों के दौरान पत्रकारों के लिए सुरक्षा की मांग की।

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