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पत्‍नी को पीट-पीटकर मार डाला था, 11 दिन के भीतर ही अदालत ने दे दी उम्र कैद

पुलिस ने बताया कि आरोपी को जल्दी पकड़ना और पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाना, हमारे लिए चुनौती जैसा था। हमें जब हत्या की जानकारी मिली, तो ग्राम पंचायत और परिजन व उनके रिश्तेदारों से पूछताछ की गई।

प्रतीकात्मक तस्वीर।

कर्नाटक के चित्रदुर्ग में एक शख्स ने पत्नी की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर डाली। जिला एवं सत्र अदालत ने 11 दिनों के भीतर इस मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हत्यारे के बेटे गिरीश ने उसके खिलाफ गवाही दी, जिसके कारण मामला आसानी से सुलझाया जा सका। परमेश्वरस्वामी (75) चल्लाकेरे तालुक के वलासे इलाके में पत्नी पुतम्मा (63) के साथ रहता था। 27 जून को उसने दोपहर करीब तीन बजे पत्नी की पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना के कुछ घंटों बाद पुलिस ने हत्या के आरोप में पति को गिरफ्तार कर लिया था।

पुलिस ने बताया कि आरोपी को जल्दी पकड़ना और पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाना, हमारे लिए चुनौती जैसा था। हमें जब हत्या की जानकारी मिली, तो ग्राम पंचायत और परिजन व उनके रिश्तेदारों से पूछताछ की गई। सबूतों और गवाहों के आधार पर पता चला कि परमेश्वरस्वामी ने ही वारदात को अंजाम दिया है। मृतका के भाई नागभूषण की शिकायत के बाद पुलिस इस मामले में सक्रिय हुई। लेकिन पुलिस का कहना है कि दंपति के बेटे ने जो बातें बताईं, उसके कारण कम समय में मामला सुलझाने में मदद मिली।

चित्रदुर्ग एसपी श्रीनाथ एम.जोशी ने बताया कि चार्जशीट में 30 गवाह शामिल किए गए। अदालत ने उनमें से 17 लोगों के बयान सुने, जिसमें गिरीश काम नाम भी था। अदालत के सामने दो दिनों के भीतर फॉरेंसिक और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पेश की गई, जिसके बाद यह मामला तीन जुलाई को प्रमुख जिला एवं सत्र न्यायाधीश एसबी वास्त्रामुत्त के सामने ट्रायल के लिए आया।

श्रीनाथ ने बताया, “गिरीश के अनुसार, परमेश्वरस्वामी पत्नी के चरित्र पर आए दिन लांछन लगाता था। वह गांव के दूसरे मर्दों से पत्नी के नाजायज रिश्तों के आरोप लगाता था। यही कारण था कि वह पूर्व में भी उसे पीटता था।” शनिवार (सात जुलाई) को न्यायाधीश ने 50 पन्नों का फैसला सुनाया। पुलिस का कहना है कि हमें नहीं पता कि यह रिकॉर्ड है या नहीं। मगर उम्मीद है कि जल्द से जल्द बाकी मामले भी निपटेंगे।

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