BJP vs Congress: रमजान के महीने में प्रदेश के उर्दू स्कूलों का टाइम टेबल बदलने और जल्दी स्कूल बंद करने को लेकर शिक्षा विभाग ने आदेश जारी किया है, जिस पर अब एक नया विवाद खड़ा हो गया है। बीजेपी की तरफ से कर्नाटक की कांग्रेस शासित सरकार पर सवाल उठाए गए और ये पूछा गया कि आखिर हिंदुओं के त्योहारों में सरकार द्वारा इस तरह की छूट क्यों नहीं दी जाती है?

दरअसल, कर्नाटक में उर्दू और अन्य अल्पसंख्यक भाषा विद्यालयों के निदेशालय के एक निर्देश के अनुसार, रमज़ान के महीने में राज्य के उर्दू माध्यम के प्राथमिक और माध्यमिक प्राथमिक विद्यालयों के बंद होने का समय रमज़ान के महीने की शुरुआत से एक महीने के लिए सुबह 8:00 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक बढ़ा दिया गया है।

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केवल रमजान के लिए ही बदला है समय

इस आदेश में कहा गया, “राज्य के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और गैर-सहायता प्राप्त उर्दू माध्यम के कनिष्ठ, वरिष्ठ और उच्च विद्यालयों के शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए रमज़ान के महीने की शुरुआत से केवल 20-03-2026 तक के लिए स्कूल सत्र अनुसूची में परिवर्तन किया गया है।” इसको लेकर एक नोटिफिकेशन भी जारी किया गया है।

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BJP ने उठाए फैसले पर सवाल

कर्नाटक शिक्षा विभाग के इस आदेश को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस सरकार पर हमला बोला। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहज़ाद पूनावाला ने कहा, “अब हम देख रहे हैं कि रमज़ान के दौरान कर्नाटक के स्कूलों का समय बदला जाएगा। लेकिन क्या आपने (कर्नाटक सरकार ने) किसी हिंदू त्योहार के दौरान ऐसी कोई छूट दी है?”

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शहजाद पूनावाला ने कहा, “आप कह रहे हैं कि शिक्षक और कर्मचारी रमज़ान के दौरान जल्दी जा सकते हैं, लेकिन क्या आप नवरात्रि के दौरान भी इसकी अनुमति देंगे? कांग्रेस हमेशा अपने वोट बैंक को पहले रखती है। संविधान के अनुसार निष्पक्ष और समान रूप से काम करने की उनमें दूरदर्शिता नहीं है। कर्नाटक में यह बार-बार देखा गया है।”

कैबिनेट मंत्री ने किया बचाव

वहीं इस मुद्दे पर कर्नाटक के मंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि हज़ारों वर्षों से इन लोगों की उपेक्षा की गई है। क्या आप नहीं चाहते कि ये लोग बराबरी के हकदार बनें? अगर इसे बर्दाश्त नहीं किया गया, तो इसका मतलब है कि वे (BJP) लोगों के साथ समान व्यवहार किए जाने के खिलाफ हैं। मालेगांव में सियासी उलटफेर, BJP–कांग्रेस पार्षदों ने मिलकर बनाया नया मोर्चा