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कर्नाटक: कांग्रेस का ‘स्टिंग वीडियो’ से हमला, 100 Cr की घूसखोरी से जोड़े बीजेपी नेताओं के तार

आरोप लगाया गया है कि ये वीडियो 2010 के हैं, जिनमें बीजेपी नेता बी श्रीमालु और जी जनार्दन रेड्डी कथित पर एक पूर्व चीफ जस्टिस के रिश्तेदार को दी जाने वाली घूस को लेकर मोलभाव में शामिल हैं। कथित तौर पर यह घूस खनन घोटाले में दिए जाने वाले एक फैसले को प्रभावित करने के लिए था।

Author May 11, 2018 12:18 PM
तस्वीर का प्रयोग सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल फोटो)

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए 12 मई को होने वाले मतदान से पहले राज्य की सत्ताधारी कांग्रेस ने दो वीडियो जारी करके बीजेपी को घेरने की कोशिश की है। आरोप लगाया गया है कि ये वीडियो 2010 के हैं, जिनमें बीजेपी नेता बी श्रीमालु और जी जनार्दन रेड्डी कथित पर एक पूर्व चीफ जस्टिस के रिश्तेदार को दी जाने वाली घूस को लेकर मोलभाव में शामिल हैं। कथित तौर पर यह घूस खनन घोटाले में दिए जाने वाले एक फैसले को प्रभावित करने के लिए था। ये वीडियो सबसे पहले एक स्थानीय चैनल पर नजर आए। बाद में कर्नाटक कांग्रेस के दफ्तर से भी जारी किए गए। इन वीडियोज को कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष दिनेश गुंडू राव और गृह मंत्री रामालिंगा रेड्डी ने जारी किया। हालांकि, बाद में राज्य चुनाव आयोग के अधिकारियों ने चैनलों पर इन वीडियोज को दिखाने पर पाबंदी लगा दी।

कांग्रेस नेता राव ने पूछा, ‘क्या बीजेपी इस प्रत्याशियों को वापस लेगी?…प्रधानमंत्री को जवाब देने की जरूरत है।’ वहीं, रामलिंगा रेड्डी के मुताबिक, ‘बीजेपी ने 2008 से 2013 के बीच कैसे सरकार चलाई, यह उस बात का उदाहरण है।’ उधर, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने इन वीडियोज को खारिज करते हुए ‘फर्जी स्टिंग ऑपरेशन’ किए जाने की आशंका जाहिर की। वीडियो में कुछ लोग कथित तौर पर जर्नादन रेड्डी द्वारा 100 करोड़ रुपये की रिश्वत देने के बारे में चर्चा करते नजर आते हैं। इनमें कथित तौर पर इस बात की भी चर्चा होती है कि इस रकम के कुछ हिस्से को इधर-उधर करने में कैसे एक बिचौलिए ने भूमिका निभाई।

राव ने कहा, ‘आज जो वीडियोज सामने आए हैं, उनसे पता चलता है कि कैसे श्रीमालु और बिचौलिए कैप्टन रेड्डी, बालन, स्वामीजी रजनीश और पूर्व चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया बालाकृष्णन के दामाद श्रीनिजन रिश्वत दिए जाने पर चर्चा करते हैं ताकि सुप्रीम कोर्ट में ओबुलापुरम (जर्नादन रेड्डी की खनन कंपनी) केस में मनमाफिक फैसला पाया जा सके।’ द इंडियन एक्सप्रेस ने श्रीनिजन से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कॉल्स का कोई जवाब नहीं दिया। जो वीडियोज सामने आए हैं, उनमें से एक पर 1 जुलाई 2001 की तारीख है। इसमें पांच लोग नजर आते हैं। इनमें वो शख्स भी है जो कथित तौर पर श्रीनिजन से जुड़ा है।

वहीं, दूसरे वीडियो कब का है, यह साफ नहीं है। इसमें तीन लोग तेलुगु में बातचीत करते नजर आते हैं। इनमें से एक शख्स दिखाई नहीं दे रहा। एक शख्स कथित तौर पर श्रीमालु बताए जा रहे हैं जबकि अन्य एक पहले वीडियो में नजर आ रहे पांच लोगों में से एक है। इस शख्स को कैप्टन रेड्डी कहा जा रहा है। पहले वीडियो में, स्वामी की तरह दिखने वाला एक शख्स कहता है, ‘वो क्या बोलते हैं कि जर्नादन रेड्डी 60 से 80 करोड़ पूरा दिए हैं, ज्यादा दिया, और ये…कह रहे हैं कि नो, ओनली 60 करोड़ दिया, पूरा नहीं दिया-खैर छोड़िए…।’

एक अन्य मौके पर वीडियो में कैमरे की ओर पीठ करके बैठा एक शख्स कहता है, ‘आपने जर्नादन रेड्डी से बात की या श्रीमालु से?’ नजर न आने वाला शख्स कहता है, ‘दोनों से।’ कैमरे की ओर पीठ करके बैठा शख्स ‘स्वामी’ से कहता है, ‘…उसने (न दिखने वाला शख्स) जर्नादन रेड्डी और श्रीमालु से बात की है और सारी बातें साफ कर ली हैं। इन लोगों को 500 करोड़ मांगने चाहिए थे, लेकिन उन्होंने सिर्फ 100 करोड़ रुपये मांगे हैं। उन्हें पहले पैसे पहले ही ले लेने चाहिए थे। यह सबको पता है कि बालाकृष्णन 10 तारीख को फैसला देंगे…भोपालन तब दिल्ली आए और रकम दी।’ बता दें कि कांग्रेस का आरोप है कि कोर्ट का फैसला गलत ढंग से हासिल किया गया और ये वीडियोज उस वक्त के हैं, जब कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये की रिश्वत देने में नाकाम रहने पर विवाद उत्पन्न हो गया था।

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