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Karnataka: फिर जागी कुमारस्वामी की उम्मीदें, इस्तीफा देने वाले बागी कांग्रेस MLA ने दिये पुनर्विचार के संकेत

मतभेद दूर कर लिए जाने के सवाल पर नागराज ने कहा, 'हर राजनीतिक दल में कुछ असहमति होती है। पार्टी नेतृत्व विधायकों को मनाने की कोशिश कर रहा है। मैं भी उनकी मदद करने की अपनी सर्वश्रेष्ठ कोशिश करूंगा।'

Author बेंगलुरु | July 14, 2019 2:22 AM
कर्नाटक मुख्यमंत्री फोटो सोर्स-ANI

कर्नाटक में कांग्रेस ने अपने बागी विधायकों को मनाने की कोशिश शनिवार (13 जुलाई) को और तेज कर दी। बागियों में से एक ने संकेत दिया है कि वह अपने इस्तीफे पर पुनर्विचार कर सकते हैं और अन्य विधायकों को भी मनाने की कोशिश करेंगे। कांग्रेस-जेडीएस के 16 बागी विधायकों में शामिल राज्य के आवास मंत्री एमटीबी नागराज ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने उनसे मुलाकात की और उन्हें अपना इस्तीफा वापस लेने को कहा। नागराज होसकोट से कांग्रेस विधायक हैं। उन्होंने पिछले हफ्ते विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था।

नागराज ने संवाददाताओं से कहा, ‘सिद्दारमैया और दिनेश गुंडु राव ने मुझसे मुलाकात की, मुझसे इस्तीफा वापस लेने और पार्टी में बने रहने का अनुरोध किया। इस पर विचार करने के लिए मैंने समय मांगा है। मैंने उनसे कहा कि मैं चिक्कबल्लापुरा विधायक सुधाकर से बात करूंगा और इस्तीफा वापस लेने के लिए उन्हें मनाउंगा।’ इस दौरान उनके साथ उप मुख्यमंत्री जी. परमेश्वर, राज्य के जल संसाधन मंत्री डीके शिवकुमार और कांग्रेस के अन्य नेता भी मौजूद थे।

सारे मतभेद दूर कर लिए जाने के सवाल पर नागराज ने कहा कि उन्होंने कुछ असंतोष को लेकर इस्तीफा दिया था और हर राजनीतिक दल में कुछ असहमति होती है। उन्होंने कहा, ‘पार्टी नेतृत्व विधायकों को मनाने की कोशिश कर रहा है। मैं भी उनकी मदद करने की अपनी सर्वश्रेष्ठ कोशिश करूंगा।’ इसके बाद नागराज राज्य कांगेस विधायक दल के नेता सिद्दारमैया के आवास के लिए रवाना हो गए। गौरतलब है कि एक दिन पहले मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने विधानसभा में सभी को हैरान करते हुए घोषणा की थी कि वह सदन में विश्वास मत कराएंगे, जिसके बाद सत्तारूढ़ गठबंधन ने बागी विधायकों को मनाने की कोशिशें तेज कर दी।

कांग्रेस के संकटमोचक बताए जा रहे डीके शिवकुमार सुबह करीब 5 बजे नागराज के आवास पर पहुंचे और वह उन्हें मनाने के लिए करीब साढ़े चार घंटे तक वहां रूके। इसके बाद उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर भी नागराज को इस्तीफा वापस लेने के लिए मनाने के लिए उनके आवास पर पहुंचे। इसी तरह विधायक रामलिंगा रेड्डी, मणिरत्न, के सुधाकर और आर रोशन बेग को भी मनाने की कोशिश की गई। जेडीएस सूत्रों ने बताया कि कुमारस्वामी इस्तीफा देने वाले कांग्रेस के कम से कम चार विधायकों के साथ सीधे संपर्क में हैं और उन्हें उम्मीद है कि वे लोग अपने इस्तीफे वापस ले लेंगे।

इस बीच अटकलों को तेज करते हुए भाजपा नेताओं के एक समूह ने विधायक एस आर विश्वनाथ और बेंगलुरू के पार्षद पद्मानाभ रेड्डी के नेतृत्व में रामलिंगा रेड्डी से उनके अवास पर मुलाकात की। हालांकि, रामलिंगा ने इस घटनाक्रम पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और उन्होंने कहा कि वह 15 जुलाई तक राजनीति पर नहीं बोलेंगे क्योंकि उन्हें विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष पेश होना है। वहीं उनकी बेटी एवं कांग्रेस विधायक सौम्या रेड्डी ने कहा कि इस बैठक के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘मैं कांग्रेस में हूं और मैंने इस्तीफा नहीं दिया है। मेरे पिता ने इस्तीफा दिया है और उनके इस्तीफे से जुड़े सभी प्रश्न उन्हीं से पूछे जाने चाहिए।’ विधानसभा में संभवत: अगले हफ्ते होने वाले शक्ति परीक्षण के लिए अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए कांग्रेस और भाजपा, दोनों ही दलों ने अपने- अपने विधायकों को होटलों और रिजॉर्ट में भेज दिया है। इससे पहले, इन घटनाक्रमों पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि इन प्रयासों का कोई नतीजा नहीं निकलेगा क्योंकि गठबंधन सरकार का गिरना तय है।

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