कर्नाटक की राजनीति में इन दिनों फोन टैपिंग को लेकर सियासी माहौल गर्म है। मुख्यमंत्री सिद्धरमैया पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार के खेमे की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल किया। इन आरोपों पर अब मुख्यमंत्री ने खुलकर जवाब दिया है और उन्हें पूरी तरह बेबुनियाद बताया है।
सिद्धरमैया ने कहा कि यह सब असंतुष्ट लोगों के हताश बयान हैं। उनके मुताबिक कुछ विपक्षी नेता जानबूझकर उनके और डी.के. शिवकुमार के बीच अविश्वास पैदा करना चाहते हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उनके रिश्ते मजबूत और आत्मीय हैं, और इस तरह के आरोपों से उन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वे और शिवकुमार दोनों कई बार सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि वे पार्टी नेतृत्व के फैसलों का पालन करेंगे।
विपक्ष के नेता आर. अशोक का आरोप- एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही सरकार
विपक्ष की ओर से इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया जा रहा है। विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने आरोप लगाया कि राज्य में प्रशासन का राजनीतिकरण हो रहा है। उनका कहना है कि सरकार को जनता के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए, न कि नेताओं की निगरानी करवाने पर। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि सरकारी खुफिया एजेंसियों का किसी भी तरह का दुरुपयोग बंद किया जाए।
वहीं जद (एस) के नेता और केंद्रीय मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने भी दावा किया कि सत्ताधारी दल के विधायकों और नेताओं की बड़े पैमाने पर जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हो रहा है तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ठीक संकेत नहीं है। विपक्ष का कहना है कि सरकार के भीतर चल रही खींचतान की वजह से ही ऐसी गतिविधियां सामने आ रही हैं।
इन सभी आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सिद्धरमैया ने कहा कि कांग्रेस एक आंतरिक लोकतंत्र वाली पार्टी है। उन्होंने कहा कि पार्टी के विधायक किसी एक व्यक्ति के समर्थक नहीं, बल्कि कांग्रेस विचारधारा के समर्थक हैं। सभी को अपनी राय रखने और आपस में मिलने-जुलने की पूरी आजादी है। अंत में उन्होंने दोहराया कि सरकार के भीतर सब कुछ सामान्य है और विपक्ष के आरोप राजनीति से प्रेरित हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि ऐसी बयानबाजी से न तो सरकार पर असर पड़ेगा और न ही पार्टी की एकता पर।
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कांग्रेस ने असम विधानसभा चुनाव के लिए 42 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की। प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई को जोरहाट से टिकट दिया गया है। असम में कांग्रेस विधायक दल के नेता देबब्रत सैकिया आगामी राज्य विधानसभा चुनाव में नाजिरा सीट से चुनाव लड़ेंगे। पार्टी द्वारा उम्मीदवारों की पहली सूची राज्य विधानसभा चुनाव का कार्यक्रम घोषित होने से पहले जारी की गई है। प्रदेश में इस साल अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव संभावित है। कांग्रेस ने असम विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष देवब्रत सैकिया को नाजिरा विधानसभा क्षेत्र से एक बार फिर उम्मीदवार बनाया गया है। यहां से वह वर्तमान में विधायक हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक
