कर्नाटक में तीन अगस्त को 19 मंत्रियों ने शपथ ली, लेकिन अभी तक उन्हें कोई विभाग आवंटन नहीं किया गया है। इस कैबिनेट फेरबदल के दौरान कई नेताओं के नाराज रहने की भी खबरें सामने आईं, ऐसे में अब मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने उन नेताओं से मिलना जारी रखा है, जिन्हें कैबिनेट में जगह नहीं मिली। हालांकि कांग्रेस मंत्रिमंडल में कोई महिला न होने के कारण भी आलोचना हो रही है। इसी बीत मुख्यमंत्री हाईकमान से बात करने दिल्ली पहुंचे हैं।
रविवार को दिल्ली आने से पहले मुख्यमंत्री ने पूर्व मंत्री दिनेश गुंडू राव के घर जाकर उनसे मुलाकात की। इस दौरान मंत्री प्रियांक खड़गे और अजय सिंह भी मौजूद रहे।
कई नेता चल रहे नाराज
दिनेश गुंडू राव, सिद्धारमैया सरकार में स्वास्थ्य मंत्री थे, लेकिन उन्हें इस बार शिवकुमार की कैबिनेट में शामिल नहीं किया गया। कांग्रेस नेतृत्व द्वारा जारी मंत्रियों की सूची में नाम न होने पर उन्होंने और एम. कृष्णप्पा व एच.के. पाटिल जैसे कई वरिष्ठ नेताओं ने साफ तौर पर अपनी नाराजगी जाहिर की है।
हालांकि पत्रकारों से बात करते हुए, दिनेश ने कैबिनेट में जगह न मिलने पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, “हम सभी पार्टी के प्रति वफादार हैं,” और साथ ही बताया कि मुख्यमंत्री के साथ उनकी मुलाकात सौहार्दपूर्ण रही।
फेरबदल की अटकलें तेज
इन सब के बीच ऐसी अटकलें तेज हो गई हैं कि कैबिनेट में कुछ नाराज विधायकों को जगह दी जा सकती है और उनकी जगह उन लोगों को हटाया जा सकता है जिन्होंने पहले ही मंत्री पद की शपथ ले ली है। हालांकि, इस बारे में अभी स्पष्ट कुछ सामने नहीं आया है, लेकिन जब शिवकुमार पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से मुलाकात करेंगे तो हो सकता है कि यह बात सामने आ जाए। डीके. शिवकुमार रविवार शाम दिल्ली पहुंचे ताकि 13 अगस्त से शुरू होने वाले विधानसभा के मॉनसून सत्र से पहले नए मंत्रियों के विभागों की सूची को मंजूरी मिल सके।
महिला विधायकों को मिल सकती है जगह
खबरों के मुताबिक, शिवकुमार रविवार और सोमवार को कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे। कहा जा रहा कि इस मुलाकात में इस महीने की शुरुआत में नियुक्त किए गए 19 मंत्रियों को विभागों का आवंटन, मंत्रियों की नियुक्ति और मंत्रालय में लंबित बदलावों पर चर्चा होगी, जिसमें किसी महिला को नियुक्त करने की संभावना भी शामिल है।
तीन अगस्त को नए मंत्रियों के शपथ लेने के तुरंत बाद ही कांग्रेस विधायकों में नाराजगी सामने आ गई। यशवंतरायगौड़ा पाटिल और बेलूर गोपालकृष्ण, जिन्होंने विधायक पद से इस्तीफा देने की धमकी दी थी, उन्हें आखिरकार अपना फैसला वापस लेने के लिए मना लिया गया।
रणदीप पहुंचे थे बेंगलुरु
कांग्रेस नेतृत्व ने पिछले सप्ताह कर्नाटक कांग्रेस के प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला को बेंगलुरु भेजा था ताकि वे नाराज वरिष्ठ विधायकों से मिल सकें। जहाँ कुछ विधायकों का रुख तो नरम हुआ है, लेकिन कृष्णप्पा कैबिनेट में जगह पाने की अपनी मांग पर अड़े हुए हैं, इनके बेटे प्रियाकृष्ण भी कांग्रेस से विधायक हैं।
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बेंगलुरु में हरियाली और सार्वजनिक स्थानों को बढ़ावा देने के लिए कर्नाटक सरकार ने बड़ा प्लान तैयार किया है। राज्य सरकार शहर में ऐतिहासिक लालबाग बॉटनिकल गार्डन की तर्ज पर तीन नए बड़े पार्क विकसित करने की योजना बना रही है। इनमें से एक पार्क के लिए रक्षा मंत्रालय की जमीन का इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी जाएगी, जबकि दो अन्य पार्क वन भूमि पर विकसित किए जाने की योजना है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
