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नरेंद्र मोदी चाह कर भी नहीं सीख सके कन्‍नड़, पर सुषमा स्‍वराज ने दिया था ऐसा भाषण कि वाजपेयी भी रह गए थे हैरान

मौजूदा विदेश मंत्री सुषमा स्वराज 1999 के लोकसभा चुनावों के दौरान धारा प्रवाह कन्नड़ भाषा बोलकर कर्नाटक के मतदाताओं का दिल जीत चुकी हैं।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज (एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

कर्नाटक में 12 मई को विधानसभा चुनाव होने हैं। जिसके लिए चुनाव प्रचार अपने चरम पर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद कर्नाटक में चुनाव प्रचार की कमान संभाल रहे हैं और लगातार रैलियां कर रहे हैं। चूंकि पीएम मोदी अपनी शानदार भाषण शैली के लिए जाने जाते हैं, लेकिन कर्नाटक में चुनाव प्रचार के दौरान पीएम मोदी की भाषण शैली का जादू नहीं चल पा रहा है, और इसका कारण भाषा बन रही है। दरअसल पीएम मोदी कर्नाटक में रैली के दौरान हिंदी में भाषण दे रहे हैं और एक ट्रांसलेटर उनकी बात को ट्रांसलेट कर जनता तक पहुंचा रहा है, लेकिन कहीं ना कहीं इस तरीके से पीएम मोदी कर्नाटक की जनता के साथ नहीं जुड़ पा रहे हैं। जहां पीएम मोदी कन्नड़ सीखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं उनकी ही पार्टी की नेता और मौजूदा विदेश मंत्री सुषमा स्वराज 1999 के लोकसभा चुनावों के दौरान धारा प्रवाह कन्नड़ भाषा बोलकर कर्नाटक के मतदाताओं का दिल जीत चुकी हैं। उल्लेखनीय है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी सुषमा स्वराज को धारा प्रवाह कन्नड़ में भाषण देते देखकर आश्चर्यचकित रह गए थे।

बता दें कि सुषमा स्वराज ने 1999 के लोकसभा चुनावों के दौरान कर्नाटक के बेल्लारी से चुनाव लड़ा था। बेल्लारी सीट का यह चुनाव काफी हाईप्रोफाइल साबित हुआ था, क्योंकि इसी सीट से कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी पर्चा दाखिल किया था। ‘भारत की बेटी’ और ‘विदेशी बहू’ के बीच हुए इस मुकाबले में जीत आखिर में विदेशी बहू के हाथ लगी थी और सोनिया गांधी बेल्लारी से लोकसभा चुनाव जीतने में सफल रहीं थी। हालांकि सुषमा स्वराज ने इस चुनाव के लिए जबरदस्त तैयारी की थी और कन्नड़ भाषा तक सीखी थी। एक रैली के दौरान, जिसमें अटल बिहारी वाजपेयी भी मौजूद थे, उस रैली में सुषमा स्वराज ने कन्नड़ भाषा में जबरदस्त भाषण दिया था। अपने भाषण के दौरान सुषमा स्वराज ने सोनिया गांधी पर जमकर निशाना साधा था। वहीं सुषमा स्वराज के कन्नड़ में भाषण देने पर अटल बिहारी वाजपेयी ने उनकी जमकर तारीफ की थी।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भी अपने भाषण के दौरान सोनिया गांधी के विदेशी मूल के मुद्दे को उठाया था और कहा था कि कांग्रेस के ही कई नेता सोनिया गांधी को प्रधानमंत्री बनाने के खिलाफ हैं। साथ ही वाजपेयी ने एनडीए की सरकार बनने पर लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का आश्वासन भी दिया था। हालांकि अभी तक भी महिलाओं के लिए लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण दूर की कौड़ी बना हुआ है। बता दें कि 1999 में सुषमा स्वराज भले ही सोनिया गांधी से बेल्लारी में चुनाव हार गई हों, लेकिन केन्द्र में सरकार एनडीए की बनी और अटल बिहारी वाजपेयी दूसरी बार देश के प्रधानमंत्री चुने गए।

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