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कड़कड़डूमा की भरी अदालत में चलीं गोलियां, कांस्टेबल की मौत

दिल्ली की भरी अदालत में बुधवार को हुई ताबड़तोड़ गोलीबारी में दिल्ली पुलिस का एक कांस्टेबल मारा गया, जबकि एक जज बाल-बाल बच गए। दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं..
Author नई दिल्ली | December 24, 2015 01:31 am
फायरिंग के बाद कड़कड़डुमा कोर्ट परिसर में जुटी भीड़, (इनसेट में दिल्ली पुलिस का हेड कॉन्सटेबल, जिसकी मौत हो गई)

दिल्ली की भरी अदालत में बुधवार को हुई ताबड़तोड़ गोलीबारी में दिल्ली पुलिस का एक कांस्टेबल मारा गया, जबकि एक जज बाल-बाल बच गए। दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिनमें एक सिपाही और एक विचाराधीन कैदी शामिल हैं। गोलियां पूर्वी दिल्ली स्थित कड़कड़डूमा अदालत परिसर में कक्ष संख्या 73 के अंदर चलीं। लोगों की मदद से पुलिस ने चार युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। हमलावरों की संख्या छह बताई जा रही है। दिल्ली सरकार ने मारे गए कांस्टेबल के परिजनों को एक करोड़ रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की है।

हमलावरों ने गोली चलाने से पहले विचाराधीन कैदियों के आने का इंतजार किया। फिर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू की। वारदात के बाद भागने का प्रयास किया। लेकिन वकीलों और अंदालत के अंदर के सुरक्षाकर्मियों ने कुछ को पकड़ लिया। उन्होंने पीसीआर बुलाई। आरोपियों को मौके पर पहुंची पुलिस टीम को सौंप दिया। अपराधियों में से एक ने वारदात की वीडियो बनाई, जिसे ढूंढ़ा जा रहा है।

पुलिस ने बताया कि मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट सुनील गुप्ता भी इस घटना में बाल-बाल बच गए। गोली उनकी कुर्सी के पास से निकल गई और पीछे वाली दीवार पर जा लगी। यह वारदात सवेरे करीब 11 बजे हुई। मृतक कांस्टेबल राम कुमार दिल्ली पुलिस की तीसरी बटालियन में तैनात थे। वे विचाराधीन कैदियों को जेल से अदालत कक्ष लाने की ड्यूटी पर थे। कांस्टेबल को चार गोलियां लगी हैं। दोनों घायलों को दो-दो गोलियां लगीं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है जबकि कुमार को मृत घोषित करार दिया गया। हमलावरों ने करीब दस गोलियां चलार्इं। हमलावरों में कुछ के नाबालिग होने का संदेह है। अब तक गिरफ्तार चार युवक उत्तर पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों के हैं।

अपराधियों ने जिस शख्स को निशाना बनाया था वह जिंदा है। पुलिस के मुताबिक, घायलों में विचाराधीन कैदी इरफान उर्फ छेनी पहलवान है जो एक हिस्ट्री शीटर है। दूसरा घायल कड़कड़डूमा अदालत परिसर के अदालत क्रमांक 73 में तैनात सिपाही है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ से यह बात निकलकर आई है कि इरफान ने दक्षिण दिल्ली में हमलावरों के गिरोह के एक गुर्गे की कथित रूप से हत्या कर दी थी। इरफान के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न जिलों में कई मामले दर्ज हैं।

पुलिस ने कहा कि वह एक अन्य युवक की तलाश में है जिसके बारे में माना जा रहा है कि वह सहआरोपी है। कुछ वकीलों ने उसे अदालत कक्ष के अंदर गोलीबारी का वीडियो बनाते देखा था। इस वारदात ने कैदियों से लेकर जजों तक की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह भी है कि अदालत के अंदर पुख्ता सुरक्षा के पुलिसिया दावे, सीसीटीवी कैमरे की चौबंदी क्यों नाकाम हो गई? लोग हथियारों के साथ न केवल अंदर आए बल्कि अदालत कक्ष तक पहुंच गए।

पुलिस उपायुक्त बीएस गुर्जर ने कहा-हत्या का मामला दर्ज किया गया है और इस पर कई टीमें काम कर रही हैं। अदालत परिसर के अंदर पुलिस चौकी में चार लोगों को पकड़ा गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि हमलावर सुरक्षा घेरों को पार करते हुए अदालत के अंदर हथियारों के साथ जाने में सफल कैसे रहे।

दो लोग घायल
* अपराधियों ने जिस शख्स को निशाना बनाया था वह जिंदा है। पुलिस के मुताबिक, घायलों मेंं विचाराधीन कैदी इरफान उर्फ छेनी पहलवान है जो एक हिस्ट्री शीटर है। दूसरा घायल कड़कड़डूमा अदालत परिसर के अदालत क्रमांक 73 में तैनात सिपाही है।

चार युवक गिरफ्तार
* लोगों की मदद से पुलिस ने चार युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। हमलावरों की संख्या छह बताई जा रही है। दिल्ली सरकार ने मारे गए कांस्टेबल के परिजनों को एक करोड़ रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की है।

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