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कारगिल के योद्धा ने कहा- बिना किसी पद पर रहते हुए भी टाइगर हिल गए थे PM मोदी, बढ़ाया था सेना का मनोबल

कुशाल ठाकुर उस समय टाइगर हिल पर 18 ग्रेनेडियर्स के कमांडिंग ऑफिसर थे। ठाकुर ने कहा, 'पिछले पांच सालों में भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति में महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो- पीटीआई)

कारगिल की जंग के योद्धाओं में शुमार रहे रिटायर्ड ब्रिगेडियर कुशाल ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर एक बयान दिया है। सेना में रहकर देश की सेवा करने वाले ब्रिगेडियर ठाकुर ने कहा, ‘टाइगर हिल पर फिर से कब्जे के एक दिन बाद नरेंद्र मोदी ने वहां की यात्रा की थी। किसी पद पर न होने के बावजूद यह काम उन्होंने सिर्फ सेना का मनोबल बढ़ाने के लिए किया था।’ उन्होंने कहा कि किसी पद पर नहीं रहने के बावजूद मोदी का वह दौरा बताता है कि वे देश की सुरक्षा को लेकर कितने संजीदा हैं। ठाकुर ने सेना में हिमाचल रेजिमेंट के गठन को लेकर भी बयान दिया।

5 सालों में बदली है भारत की सुरक्षा नीतिः हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, ‘5 जुलाई 1999 को नरेंद्र मोदी न तो देश के प्रधानमंत्री थे और न ही गुजरात के मुख्यमंत्री। तब उन्होंने टाइगर हिल का दौरा किया था। उस समय वे हिमाचल प्रदेश बीजेपी के प्रभारी थे।’ कुशाल ठाकुर उस समय टाइगर हिल पर 18 ग्रेनेडियर्स के कमांडिंग ऑफिसर थे। ठाकुर ने कहा, ‘पिछले पांच सालों में भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति में महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। आतंक के प्रति बीजेपी की नीति जीरो टॉलरेंस की है। यह बात सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक से साबित भी हो गई है।’

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हिमाचल रेजिमेंट को लेकर दिया ये बयानः ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के दो जवानों को कारगिल युद्ध में योगदान के लिए परम वीर चक्र से सम्मानित किया गया था। दोनों युद्ध के दौरान शहीद हो गए थे। उन्होंने कहा कि हिमाचल रेजिमेंट बनाने का मसला भी केंद्र के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के युवाओं के लिए सेना में कोटा भी बढ़ाने की बात भी कही। इसके लिए वर्तमान नियमों में भी बदलाव किया जाएगा।

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