Kanpur Man Death News: उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक सुनसान सड़क पर कीचड़ से भरे गड्ढे में बाइक समेत गिरने के बाद एक 25 वर्षीय युवक की मौत हो गई। पीड़िता 12 घंटे तक कीचड़ में फंसा रहा। कानपुर देहात इलाके में हुई इस घटना ने बीते महीने ग्रेटर नोएडा में हुए इसी तरह के हादसे जिसमें युवा इंजीनियर की मौत हो गई थी की डरावनी याद को ताजा कर दिया है।

कीचड़ से भरे गड्ढे में गिर गया

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार यह हादसा मंगलवार रात कानपुर देहात के शिवली थाना इलाके में कादरी गांव के पास रूरा शिवली रोड पर हुआ। पुलिस ने बताया कि पीड़ित धीरेंद्र कुमार, जो पनकी पावर हाउस में प्राइवेट गार्ड था, शाम करीब 6 बजे घर लौट रहा था, तभी उसकी बाइक का बैलेंस बिगड़ गया और वह सड़क किनारे कीचड़ से भरे गड्ढे में गिर गया।

पुलिस ने बताया कि अंधेरा होने और गड्ढे की गहराई की वजह से किसी राहगीर ने उसे नहीं देखा। उन्होंने बताया कि सूरज ढलने के बाद इस सड़क पर बहुत कम लोग आते-जाते हैं, इसलिए शायद उसकी मदद के लिए की गई चीख-पुकार पर किसी का ध्यान नहीं गया होगा। धीरेंद्र रात भर ठंड में कीचड़ में फंसा रहा।

स्थानीय लोगों ने निकाला बाहर

रिपोर्ट के अनुसार बुधवार सुबह करीब 6 बजे जब कुछ किसानों ने उसे देखा तो वह कीचड़ में सना हुआ था। लोकल गांव के मुखिया अंकुश कुमार और विजय कुमार ने दूसरे गांववालों और आने-जाने वालों के साथ मिलकर उसे गड्ढे से बाहर निकाला। ठंड से उसका शरीर अकड़ गया था और कीचड़ से सना हुआ था।

गांववालों ने उसे गर्म करने के लिए आग जलाई, उसका चेहरा साफ किया और 102 एम्बुलेंस बुलाकर उसे शिवली हॉस्पिटल ले गए। हालांकि, इलाज के दौरान धीरेंद्र की मौत हो गई। धीरेंद्र के भाई, बृजेंद्र कुमार ने कहा कि जब वह पूरी रात घर नहीं लौटा तो परिवार परेशान हो गया और सुबह उन्हें यह बुरी खबर मिली।

शिवली पुलिस स्टेशन के इंचार्ज प्रवीण यादव ने कहा कि अंधेरी सड़क और गड्ढे की गहराई की वजह से वह दिखाई नहीं दे रहा था और उसे बचाया नहीं जा सका। 17 जनवरी को, ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में कंस्ट्रक्शन के लिए खोदे गए गड्ढे में पानी से भरे गड्ढे में गिरने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई थी।

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