Kanpur Lamborghini Crash: कानपुर के वीआईपी रोड पर हुई लैंबॉर्गिनी कार दुर्घटना के मामले में तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया। यह हादसा चार दिन पहले हुआ था, जब तेज रफ्तार स्पोर्ट्स कार ने पैदल चल रहे लोगों को टक्कर मार दी थी। इस घटना के बाद लोगों में काफी नाराजगी थी।
यह गिरफ्तारी एक दिन बाद हुई, जब कानपुर नगर के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सातवें) अमित सिंह ने शिवम मिश्रा के ड्राइवर मोहन लाल की आत्मसमर्पण याचिका खारिज कर दी थी। ड्राइवर ने अदालत में कहा था कि पुलिस जांच के अनुसार कार शिवम मिश्रा ही चला रहा था।
अदालत ने बुधवार को ड्राइवर की याचिका खारिज करते हुए कहा कि मोहन लाल का नाम न तो एफआईआर में दर्ज है और न ही जांच के दौरान सामने आया है। इसलिए उसका आत्मसमर्पण आवेदन बिना आधार का है और स्वीकार नहीं किया जा सकता।
मंगलवार को अदालत में दो आवेदन दायर किए गए थे। पहला आवेदन ड्राइवर ने न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की मांग को लेकर दी थी। दूसरी अर्जी कार के मालिक ने 10 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की लैंबॉर्गिनी कार को छोड़ने के लिए दाखिल की थी। अभियोजन पक्ष ने दोनों अर्जियों का विरोध किया।
लोक अभियोजक मिश्रा ने अदालत को बताया कि एफआईआर में आरोप है कि इसी कार की वजह से चोटें आईं। उन्होंने कहा कि सबूतों से यह भी पता चलता है कि हादसे के समय शिवम मिश्रा ही कार चला रहे थे। अभियोजक ने यह भी आरोप लगाया कि शिवम मिश्रा जांच में पूरा सहयोग नहीं कर रहे हैं, खासकर कार की तकनीकी जांच के मामले में।
अदालत ने फिलहाल लैंबॉर्गिनी कार को छोड़ने से इनकार कर दिया। साथ ही शिवम मिश्रा को निर्देश दिया कि वे जांच में पूरा सहयोग करें और वाहन की तकनीकी जांच के लिए सभी जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराएं। अदालत ने स्पष्ट किया कि तकनीकी जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही कार को छोड़ने के आवेदन पर विचार किया जाएगा।
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एसीजेएम ने पुलिस को निर्देश दिया है कि कार की तकनीकी जांच जल्द पूरी की जाए और उसकी रिपोर्ट शुक्रवार को अदालत में पेश की जाए। इससे पहले, शिवम मिश्रा के वकील नरेंद्र कुमार यादव ने कहा था कि पीड़ित मोहम्मद तौसीफ ने चालक के साथ समझौता कर लिया है। उन्होंने दावा किया कि तौसीफ ने मोहन को ही वाहन चालक के रूप में पहचाना है और अब वह इस मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहते।
बंशीधर एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक केके मिश्रा ने भी कहा कि उनका बेटा लैंबॉर्गिनी कार नहीं चला रहा था। ग्वालटोली पुलिस थाने के बाहर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, “मेरा बेटा गाड़ी नहीं चला रहा था, वह सो रहा था। हमारी गाड़ी ड्राइवर मोहन चला रहा था।” शिवम मिश्रा के एक अन्य वकील, मृत्युंजय कुमार ने भी पहले पत्रकारों से बातचीत में यही बात कही थी।
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