कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन 21 जून को पूरी तरह से बंद रहेगा। स्टेशन पर इंटरलॉकिंग का कार्य किया जाएगा, ऐसे में यहां पर 21 जून को ट्रेनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद रहेगी। कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली ट्रेनों को गोविंदपुरी और चंदारी स्टेशन से डाइवर्ट करके चलाया जाएगा। हालांकि इंटरलॉकिंग का काम 11 जून से ही शुरू हो जाएगा लेकिन 21 जून को ट्रैक के आसपास इंटरलॉकिंग होनी है, ऐसे में रेलवे स्टेशन को बंद किया गया है। रेलवे बोर्ड ने इसके लिए अनुमति भी दे दी है।

कंप्यूटर आधारित हो जाएगी सिग्नल की प्रणाली

जब इंटरलॉकिंग काम पूरा हो जाएगा, तब सिग्नल फेल होने की समस्या से भी छुटकारा मिल जाएगा और पूरी व्यवस्था कंप्यूटर आधारित हो जाएगी। करीब 6 साल पहले भी कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन बंद था। कोरोना काल के समय लॉकडाउन के कारण 22 मार्च से 11 मई तक कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का परिचालन बंद रहा था।

रिपोर्ट के अनुसार कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन से रोजाना 300 ट्रेनें गुजरती हैं और इसमें करीब डेढ़ लाख यात्री सफर करते हैं। वर्तमान में कानपुर रेलवे स्टेशन पर इलेक्ट्रिक है और इसे कंप्यूटर आधारित किया जाना है। इसके लिए रेलवे बोर्ड को पहले ही पत्र भेजा गया था, जहां से अनुमति मिलने के बाद यह काम शुरू किया जा रहा है। ऐसे में अब दिल्ली से लखनऊ की ट्रेनें गाजियाबाद- मुरादाबाद रूट से होकर जाएंगी।

कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन से जो यात्री 21 जून को ट्रेन पकड़ने वाले हैं, उन्हें अब गोविंदपुरी से ट्रेन में बैठना होगा। गोविंदपुरी स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित किया जा रहा है। यहां पर लगातार सुविधा बढ़ाई जा रही है और इसे हाईटेक किया जा रहा है।

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भारतीय रेलवे ने देश की पहली हाईड्रोजन ट्रेन को मंजूरी दे दी है। इसको लेकर रेलवे बोर्ड ने 22 मई, 2026 को आरडीएसओ और उत्तरी रेलवे को लिखे पत्र में 10 डिब्बों वाली हाइड्रोजन ट्रेन शुरू करने की स्वीकृति दी है। पढ़ें पूरी खबर