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विकास दुबे की गिरफ्तारी से लेकर एनकाउंटर तक क्या-क्या हुआ? पढ़ें- इनसाइड स्टोरी

पुलिस के मुताबिक एसटीएफ गाड़ी विकास को कानपुर ला रही ला रही थी। तभी बारिश और तेज रफ्तार की वजह से कानपुर से करीब दो किलोमीटर पहले भौती में गाड़ी पलट गई। इसका फायदा उठाते हुए विकास ने हथियार छीकर भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उसे मुठभेड़ में मार गिराया।

विकास दुबे ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुठभेड़ में एसटीएफ ने उसे मार गिराया।

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के बिकरू गांव में सीओ सहित आठ पुलिसकर्मियों की हत्या करने वाले पांच लाख का इनामी और कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे आज सुबह पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। पुलिस के मुताबिक एसटीएफ गाड़ी उसे कानपुर ला रही थी। तभी बारिश और तेज रफ्तार की वजह से कानपुर से करीब दो किलोमीटर पहले भौती में गाड़ी पलट गई। इसका फायदा उठाते हुए विकास ने हथियार छीकर भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उसे मुठभेड़ में मार गिराया।

कानपुर पश्चिम से एसपी अनिल कुमार ने कहा “विकास दुबे को जब लाया जा रहा था तब गाड़ी पलट गई, इसमें जो पुलिसकर्मी घायल हुए उसने उनका पिस्टल छीनने की कोशिश की। पुलिस ने उसे चारों तरफ से घेर कर आत्मसमर्पण कराने की कोशिश की जिसमें उसने जवाबी फायरिंग की। आत्मरक्षा में पुलिस ने फायरिंग की।” IG कानपुर रेंज ने बताया कि मुठभेड़ में 2 इंस्पेक्टर समेत 4 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। घायल सिपाहियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पिछले 24 घंटे में दुबे की गिरफ्तारी से लेकर एनकाउंटर तक क्या-क्या हुआ? यह जानने के लिए हर कोई उत्सुक है। आइए हम आपको बताते हैं पिछले 24 घंटों का घटनाक्रम –

– गुरुवार 9 जुलाई को सुबह करीब 9.30 बजे विकास को मध्य प्रदेश पुलिस ने उज्जैन के महाकाल मंदिर से गिरफ्तार किया। हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स ने दावा किया था कि विकास ने सरेंडर किया है। जानकारी के मुताबिक विकास को मंदिर के गार्ड ने पहचान लिया था। जिसके बाद उसने पुलिस को इसकी सूचना दी और विकास को गिरफ्तार किया गया।
– गिरफ्तारी के बाद उसे महाकाल थाने ले जाया गया, जहां उससे करीब 8 घंटे तक पूछताछ की गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विकास ने पूछताछ के दौरान गुनाह कबूल किया था। विकास ने कबूला था कि शूटआउट में मारे गए सीओ देवेंद्र मिश्रा से नफरत करता था। पूछताछ में उसने स्वीकारा कि देवेंद्र मिश्रा की हर गतिविधि के बारे में पुलिस के लोग ही उसे सूचना देते थे।
– उज्जैन में विकास दुबे पर किसी तरह का कोई केस न होने के कारण और कानपुर एसएसपी के आग्रह पर उसे शाम में ही यूपी पुलिस की एसटीएफ की टीम के हवाले कर दिया गया, जो शाम में ही वहां पहुंची थी।
– कानपुर में यूपी पुलिस ने गुरुवार रात उसकी पत्नी रिचा और उसके नाबालिग बेटे को भी हिरासत में ले लिया था।। पुलिस ने ऋचा से देर रात तक पूछताछ की।
– आज सुबह एसटीएफ़ की टीम एक बड़े काफिले के साथ विकास को लेकर सड़क मार्ग से ही उज्जैन से कानपुर के लिए रवाना हो गई।

– शुक्रवार 10 जुलाई सुबह करीब साढ़े 6 बजे विकास दुबे को लेकर आ रही एसटीएफ की टीम ने कानपुर की सीमा में प्रवेश किया। जानकारी के मुताबिक उसे किसी अज्ञात जगह पर ले जाकर पूछताछ करनी थी औऱ फिर 10 बजे कोर्ट में पेश करना था।
– कानपुर से 2 किलोमीटर पहले विकास दुबे को ला रही एसटीएफ की दो गाड़ियां पलट गई हैं। जानकारी के अनुसार भारी बारिश के चलते करीब 7:25 बजे एसटीएफ़ की गाड़ी पलट गई।
– इसका फायदा उठाकर विकास ने हथियार छीकर भागने की कोशिश की। जिसके बाद पुलिस ने उसे गोली मार दी।
– घायल अवस्था में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां करीब 7:45 बजे इस कुख्यात गैंगस्टर की मौत हो गई।

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