MP: कमल नाथ सरकार का नया ऐलान- अब आम आदमी भी गोद सकेंगे गाय, दान के लिए बनेगी वेबसाइट और मोबाइल ऐप

अधिकारी के मुताबिक दान की रकम किसी विशेष गोशाला नहीं बल्कि गायों के लिए होगी। एक बार वेबसाइट तैयार हो जाएगी तो उसमें दानदाताओं के फोटो भी लगेंगे। वेबसाइट पर गोशाला संबंधी किसी भी काम में लगने वाली राशि की जानकारी भी दी जाएगी।

Cow shelter donation JSPकमल नाथ सरकार ने गायों को लेकर की नई पहल (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

कॉर्पोरेट कंपनियों और एनआरआई लोगों के बाद अब मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने फैसला लिया है कि वह राज्य के लोगों से ‘गोशाला प्रोजेक्ट’ के लिए दान लेगी। उन्हें गाय गोद लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा। लोग कम से कम 15 दिनों के लिए और अधिकतम पशु के पूरे जीवनकाल के लिए से गोद ले सकेंगे। आजीवन गोद लेने के लिए 3 लाख रुपए चुकाने होंगे, वहीं एक साल के लिए 21 हजार रुपए चुकाने होंगे। एक महीने तक गोद लेने के लिए 2100 रुपए चुकाने होंगे, वहीं 15 दिनों के लिए यह राशि 1100 रुपए रहेगी।

1 हजार गोशालाएं बनाने का किया था ऐलानः बता दें कि पिछले साल सरकार गठन के कुछ दिनों बाद जनवरी 2019 में कमल नाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने एक हजार नई गोशालाएं बनाने का ऐलान किया था। इसके साथ ही कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि बीजेपी ने पिछले 15 सालों में राज्य में एक भी गोशाला नहीं बनाई। पशुपालन विभाग के एक अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा, ‘एनआरआई और आम आदमी दान की राशि वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिये दे सकेंगे। ये दोनों सुविधाएं जल्द ही लॉन्च कर दी जाएंगी।’

वेबसाइट पर लगेंगे दानदाताओं की फोटोः अधिकारी के मुताबिक दान की रकम किसी विशेष गोशाला नहीं बल्कि गायों के लिए होगी। एक बार वेबसाइट तैयार हो जाएगी तो उसमें दानदाताओं के फोटो भी लगेंगे। वेबसाइट पर गोशाला संबंधी किसी भी काम में लगने वाली राशि की जानकारी भी दी जाएगी। इसे देखने के बाद यूजर्स गो-संरक्षण विभाग के जरिये या सीधे गोशाला को मदद कर सकेंगे। अधिकारी के मुताबिक उनके पास अपने घर के सबसे नजदीकी अधिकारी से संपर्क करने का विकल्प भी होगा।

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गौरतलब है कि एक गाय की औसत उम्र करीब 12 वर्ष होती है। इसके अलावा दूध न देने वाली गायें अक्सर सड़कों पर छोड़ दी जाती हैं, जिससे आवारा मवेशियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सड़कों पर घूमते ये आवारा मवेशी दुर्घटनाओं का कारण बन जाते हैं, वहीं इन दिनों गो-तस्करी के शक में मॉब लिंचिंग के मामले भी बढ़ रहे हैं। ऐसे में गायों को सुरक्षित स्थान पर रखना बेहद जरूरी है।

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