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एमपी: शिवराज सरकार की इस योजना को आगे बढ़ाएंगे कमलनाथ, 25 की जगह देंगे 51 हजार रुपये

। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद कमलनाथ कांग्रेस के वचनपत्र में किए गए वादों को पूरा करने में जुट गए हैं।

Author December 18, 2018 11:29 AM
भोपाल में सोमवार को शपथ ग्रहण के बाद कमलनाथ का हाथ ऊपर उठाकर जनता का अभिवादन स्वीकार करते पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान। (फोटोः एपी)

मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के शासनकाल में शुरू की गई कन्या विवाह योजना को कांग्रेस सरकार जारी रखेगी और इस योजना के तहत मिलने वाली राशि को बढ़ाकर 51 हजार रुपये दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद कमलनाथ कांग्रेस के वचनपत्र में किए गए वादों को पूरा करने में जुट गए हैं। कमलनाथ ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि ‘राज्य में कन्या विवाह योजना में अब 51 हजार रुपये दिए जाएंगे। अब तक इस योजना के तहत 25 हजार रुपये की सहायता दी जाती थी। कमलनाथ के सत्ता संभालते ही किए गए वादों पर अमल शुरू हो गया है। किसानों का दो लाख रुपये तक का कर्ज माफ किया गया है, वहीं कन्या विवाह योजना में मिलने वाली राशि को बढ़ाया गया है।

बता दें कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोमवार को पद की शपथ लेने के बाद कांग्रेस द्वारा चुनाव के दौरान दिए गए वचनों को पूरा करने की शुरुआत कर दी है। किसानों का दो लाख तक का कर्ज माफ करने के आदेश जारी हो गए हैं तो कन्या विवाह की राशि बढ़ाकर 51 हजार कर दी गई है। राजधानी का जंबूरी मैदान कमलनाथ को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 18वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ दिलाई। इस आयोजन की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई। कमलनाथ ने शपथ ली और कार्यक्रम का समापन हो गया। इस मंच पर एक तरफ जहां सामाजिक समरसता दिखी तो दूसरी ओर विपक्षी दलों की एकता। साधु-संतों ने श्वस्ति वाचन (मंत्रोच्चरण) किया और शंख भी बजा। कार्यक्रम का संचालन मुख्य सचिव बसंत प्रताप सिंह ने किया।

शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री डा़ॅ मनमोहन सिह व एच़ डी़ देवगौड़ा, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच़ डी़ कुमार स्वामी, पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी.नारायणसामी, लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, सांसद ज्योतिरादित्य सिधिया, शरद पवार, प्रफुल्ल पटेल, शरद यादव, फारूक अब्दुल्ला, बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, हेमंत सोरेन, पंजाब के मंत्री नवजोत सिह सिद्धू और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिह चौहान, कैलाश जोशी, बाबूलाल गौर शामिल हुए।

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शपथ ग्रहण के तत्काल बाद कृषि ऋण माफी, रोजगार सृजन की संभावनाओं और कन्या विवाह और निकाह योजना की राशि बढ़ाने संबंधी महत्वपूर्ण निर्णय लिए। कृषि ऋण माफी के संबंध में किसान-कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा प्रदेश में स्थित राष्ट्रीयकृत तथा सहकारी बैंकों में अल्पकालीन फसल ऋण के रूप में राज्य शासन द्वारा पात्रता अनुसार पात्र पाए गए। किसानों के दो लाख (2 लाख) की सीमा तक का 31 मार्च, 2018 की स्थिति में बकाया फसल ऋण माफ करने का आदेश जारी कर दिया गया। राज्य शासन के इस निर्णय से लगभग 34 लाख किसान लाभान्वित होंगे। फसल ऋण माफी पर संभावित व्यय 35 से 38 हजार करोड़ रुपये अनुमानित है।

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कृषि ऋण माफी की योजना को तत्काल लागू करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति भी बनाई है। यह समिति कृषि ऋण माफी योजना को तत्काल क्रियान्वित करेगी। उन्होंने कहा कि कृषि ऋण माफी हमारा महत्वपूर्ण चुनावी वचन था, जिसे हम जल्द ही पूरा करेंगे।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार सुलभ करवाने के उद्देश्य से उद्योग संवर्धन नीति 2018 और एम़ एस़ एमई़ विकास नीति-2017 में संशोधन का निर्णय लिया है। संशोधन के अनुरूप अब राज्य शासन से वित्तीय एवं अन्य सुविधाएं लेने वाली औद्योगिक इकाइयों को 70 प्रतिशत रोजगार मध्य प्रदेश के स्थायी निवासियों को देना अनिवार्य होगा।


मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कन्या विवाह और निकाह योजना में संशोधन कर अनुदान राशि 28 हजार से बढ़ाकर 51 हजार करने का निर्णय लिया। साथ ही अब सभी आदिवासी अंचलों में जनजातियों में प्रचलित विवाह प्रथा से होने वाले एकल और सामूहिक विवाह में भी कन्या को सहायता दी जाएगी। साथ ही इस योजना में आय सीमा का बंधन भी समाप्त कर दिया गया है। अब सभी सामूहिक विवाह करने वालों को इसका लाभ मिलेगा।

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