कलबुर्गी सेंट्रल जेल में कैदियों को मिलने वाले VIP ट्रीटमेंट के वीडियो सामने आने के बाद सरकार ने एक बड़ी कार्रवाई की है। दरअसल, जेल की चीफ सुपरिटेंडेंट आर. अनीता को सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही उनके खिलाभ विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं। इस जांच के पूरा होने तक वह सस्पेंड रहेंगी और फिर आगे की रिपोर्ट के आधार पर उनके खिलाफ अन्य कार्रवाई भी होने की संभावना है।
कलबुर्गी सेंट्रल जेल के अंदर कैदियों को VIP ट्रीटमेंट दिए जाने के वीडियो वायरल हुए थे, जिसके बाद आर. अनीता के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। उन पर आरोप है कि जेल में कुछ कैदियों को नियमों के विपरीत विशेष सुविधाएं और वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा था। कैदियों को शराब और सिगरेट पीते हुए देखा गया था।
विजयपुरा किया गया है ट्रांसफर
कलबुर्गी सेंट्रल जेल की चीफ आर. अनीता पर हुई यह कार्रवाई का आदेश जेल और सुधार सेवाओं के डीजीपी आलोक कुमार की ओर से जारी किया गया है। निलंबन के आदेश में कहा गया है कि विभागीय जांच पूरी होने तक वह सस्पेंड रहेंगी। इसके साथ ही उनका ट्रांसफर विजयपुरा की नई सेंट्रल जेल में कर दिया गया है। उन्हें बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ने का निर्देश भी दिया गया है।
शुरुआती जांच में जेल आरोप सही साबित होते दिख रहे
सूत्रों के मुताबिक, जेल के अंदर सामने आए वीडियो की जांच एक वरिष्ठ अधिकारी ने की। जांच के दौरान अधिकारियों को यह बात सही लगी कि कुछ कैदियों को जेल के नियमों से हटकर विशेष सुविधाएं मिल रही थीं। जांच में आर. अनीता की ओर से भी कुछ कमियां पाए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पूरे मामले में उनकी जिम्मेदारी कितनी थी और उनके खिलाफ आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी यह जेल रही है विवादों में
बता दें कि कलबुर्गी सेंट्रल जेल को लेकर यह पहली बार नहीं हुआ है कि जेल प्रशासन सवालों के घेरे में आया है। इससे पहले भी आर. अनीता पर सवाल खड़े हो चुके हैं। साल 2017 में वह बेंगलुरु सेंट्रल जेल में तैनात थीं। उस समय AIADMK की निष्कासित नेता वी.के. शशिकला को कथित तौर पर जेल में विशेष सुविधाएं दिए जाने का मामला सामने आया था। उस विवाद के बाद अनीता का ट्रांसफर कर दिया गया था।
जेल से भाग गए थे तीन कैदी
कलबुर्गी सेंट्रल जेल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जुलाई में भी गंभीर सवाल उठे थे। उस समय तीन कैदी बाथरूम की ग्रिल काटकर बाहर निकले और सीढ़ी की मदद से जेल की कंपाउंड दीवार फांदकर फरार हो गए थे। बाद में तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। घटना के बाद जेल सुपरिटेंडेंट, असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट, एक जेलर और पांच वार्डरों को जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया गया था।
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