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कैराना उपचुनाव: बीजेपी सांसद पर धार्मिक भावनाएं भड़काने का आरोप, दर्ज हुआ केस

नुकुड़ पुलिस स्टेशन के पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भाजपा नेता कांता कर्दम पर मंगलवार को सहारनपुर जिले के नुकुड़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए अपने भाषण के दौरान लोगों की धार्मिक भावनाएं भड़काने का आरोप है।

Author Updated: May 26, 2018 6:54 PM
भाजपा नेता कांता कर्दम पर दर्ज हुआ मुकदमा। (image source-Facebook)

कैराना उप-चुनाव के लिए प्रचार का शनिवार को आखिरी दिन है। इस दौरान सभी पार्टियां चुनाव प्रचार में पूरा जोर लगा रही हैं। यही वजह है कि इस चुनाव में विकास के मुद्दों के साथ-साथ ध्रुवीकरण की कोशिश भी लगातार की जा रही है। अब खबर आयी है कि भाजपा सांसद कांता कर्दम चुनाव प्रचार के दौरान सांप्रदायिक बयानबाजी करके फंस गई हैं। दरअसल चुनाव आयोग के निर्देश पर भाजपा नेता के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। नुकुड़ पुलिस स्टेशन के पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भाजपा नेता कांता कर्दम पर मंगलवार को सहारनपुर जिले के नुकुड़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए अपने भाषण के दौरान लोगों की धार्मिक भावनाएं भड़काने का आरोप है। जिसके बाद चुनाव आयोग के निर्देश पर कांता कर्दम के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। कांता कर्दम भाजपा की राज्यसभा सांसद हैं और हाल ही में राज्यसभा के लिए चुनी गईं थीं।

बता दें कि कैराना और नूरपुर उप-चुनाव के लिए 28 मई को वोट डाले जाएंगे। इसके लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन ने कैराना को चुनावों के लिए 14 जोन और 143 सेक्टर में बांटा है, ताकि शांतिपूर्वक चुनाव संपन्न कराए जा सकें। केन्द्रीय अर्द्धसैनिक बलों की 51 कंपनियां चुनावों के लिए तैनात की गई हैं। इनमें से 26 कंपनियां जहां शामली में तैनात की जाएंगी, वहीं 25 कंपनियां सहारनपुर जिले में तैनात की जाएंगी। बता दें कि कैराना में 5 विधानसभा सीटें आती हैं, जिनमें नुकुड़, गंगोह, कैराना, थानाभवन और शामली शामिल हैं। इसके साथ ही कैराना लोकसभा सीट से लगी विभिन्न राज्यों की सीमाएं भी सील कर दी गई हैं।

उल्लेखनीय है कि कैराना लोकसभा सीट पर भाजपा सांसद चौधरी हुकुम सिंह के निधन के कारण उप-चुनाव कराए जा रहे हैं। इन उप-चुनावों में भाजपा ने जहां चौधरी हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है, वहीं सपा-रालोद ने अपना संयुक्त उम्मीदवार तबस्सुम हसन को बनाया है। इसके साथ ही रालोद-सपा प्रत्याशी को कांग्रेस और बसपा ने भी अपना समर्थन देने का ऐलान किया है। जिसके बाद कैराना लोकसभी सीट पर चुनाव काफी अहम हो गया है। गोरखपुर और फूलपुर उप-चुनाव में मिली हार के बाद भाजपा ने कैराना उप-चुनाव में पूरी ताकत लगा दी है और संगठन के स्तर पर काफी तैयारियां की हैं। वहीं गठबंधन कैराना के सियासी गणित के दम पर गोरखपुर और फूलपुर उप-चुनाव वाली सफलता दोहराने की कोशिश में है।

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