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मानव तस्करी के खिलाफ पश्चिम बंगाल के साथ काम करने की सत्यार्थी ने इच्छा जताई

पश्चिम बंगाल सरकार की बालिकाओं के लिए चलाई जा रही प्रमुख योजना ‘कन्याश्री’ की तारीफ करते हुए नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने कहा है कि वह मानव तस्करी के खिलाफ पश्चिम बंगाल सरकार के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं।

Author कोलकाता | March 17, 2016 1:18 AM
नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी

पश्चिम बंगाल सरकार की बालिकाओं के लिए चलाई जा रही प्रमुख योजना ‘कन्याश्री’ की तारीफ करते हुए नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने कहा है कि वह मानव तस्करी के खिलाफ पश्चिम बंगाल सरकार के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं। सत्यार्थी ने बताया, ‘मैंने उन्हें (मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को) एक पत्र लिखा कि पश्चिम बंगाल में नोबेल पुरस्कार विजेताओं की एक महान विरासत है और आप मुझे पश्चिम बंगाल के अपने निजी समर्थकों में से एक समझें। इस क्षेत्र में आपका समर्थन करने के लिए मैं अपने सभी अनुभवों को देना चाहता हूं।’

अंतरराष्ट्रीय बाल अधिकार कार्यकर्ता ने कहा कि उन्होंने असम सरकार के साथ सहयोग से मानव तस्करी विरोधी कार्यक्रम पहले ही शुरू कर दिया है और मेघालय व महाराष्ट्र जैसे अन्य राज्यों में भी ऐसी ही योजना बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि नेपाल व बांग्लादेश की सीमा से पश्चिम बंगाल की भौगोलिक निकटता के कारण यह राज्य मानव तस्करी का स्रोत व गंतव्य स्थान दोनों रहा है और ‘द कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन्स फाउंडेशन’ इसके निवारक उपायों पर काम करना चाहता है।

सत्यार्थी ने कहा, ‘हमें तस्करी के स्रोत इलाकों की पहचान करनी है और इसके बाद निवारक उपायों जैसे शिक्षा पर और अधिक निवेश करना, स्कूलों में सभी बच्चों विशेषकर लड़कियों की उपस्थिति सुनिश्चित करना, बालिकाओं व महिलाओं के लिए बेहतर सुविधाओं को उपलब्ध करना है ताकि मानव तस्कर उनके घरों में अपनी पैठ न बना सकें।

उन्होंने बाल विवाह को रोकने के लिए छात्राओं को छात्रवृत्ति देने वाली ‘कन्याश्री’ योजना की प्रशंसा की, लेकिन कहा कि बालिकाओं के लिए एक ही योजना काफी नहीं है। ‘बचपन बचाओ आंदोलन’ के संस्थापक ने कहा, ‘मैं इसका स्वागत करता हूं और तारीफ करता हूं कि सरकार ने एक अच्छी पहल की है, लेकिन यह सिर्फ एक ही गतिविधि है। आपको इससे और अधिक करने की जरूरत है। उतना ही महत्त्वपूर्ण कानून का शासन है। तस्करी बढ़ रही है। सबसे ज्यादा तस्करी यहांं से हो रही है।’

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