कैबिनेट बैठक में सिंधिया-कमलनाथ समर्थक मंत्रियों में नोकझोंक, बोले- CM साहब ऐसा नहीं चलेगा, हमारी भी सुननी पड़ेगी

मध्य प्रदेश में कैबिनेट बैठक के दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और कमलनाथ समर्थक सुखदेव पांसे आपस में उलझ गए। इस दौरान दोनों के बीच तीखी बहस भी हुई।

एमपी के सीएम कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस

मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से ही सीएम कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच सब कुछ ठीक नहीं होने की खबरें आती रही हैं। इस बीच खबर है कि बुधवार को भोपाल में कैबिनेट की बैठक के दौरान सिंधिया और कमलनाथ समर्थक मंत्रियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो सिंधिया समर्थक मंत्रियों ने सीएम कमलनाथ से काफी देर बहस की। इसके बाद कमलनाथ खेमे के मंत्री माने जाने वाले सुखदेव पांसे ने उन्हें मर्यादा में रहने की हिदायत दी। इस दौरान पांसे और सिंधिया समर्थक मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के बीच बहस भी हुई। बताया जा रहा है कि बात इतनी बढ़ गई कि तोमर ने सीएम कमलनाथ से यह तक कह दिया कि सीएम साहब, अब ऐसा नहीं चलेगा। आपको हमारी भी सुनना पड़ेगी।

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क्या है मामला: मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो सिंधिया समर्थक मंत्रियों की शिकायत है कि उन्हें अपनी मर्जी के अधिकारी तक नहीं दिए गए हैं। साथ ही उनके विभाग के पीएस और अन्य अफसर भी कहे के मुताबिक कामकाज नहीं करते। जिसको लेकर उन्होंने मीटिंग में नाराजगी जताई। कैबिनेट मीटिंग में जब कथित तौर पर सिंधिया समर्थक मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और कमलनाथ समर्थक सुखदेव पांसे आपस में उलझ पड़े तो तोमर के समर्थन में सिंधिया कैंप के अन्य मंत्री इमरती देवी, महेंद्र सिंह सिसोदिया भी आ गए। हालांकि बताया जा रहा है कि सीएम ने इस दौरान मंत्रियों को फटकारते हुए बैठने को कहा और बारी-बारी से अपनी बात रखने की हिदायत दी।

गौरतलब है कि लोकसभा चुनावों में मध्य प्रदेश में सिर्फ कमलनाथ का गढ़ छिंदवाड़ा ही बच सका था। बाकी 29 में से 28 सीटों पर कांग्रेस को करारी हार मिली थी। इसमें सिंधिया का गढ़ कहे जाने वाले गुना शिवपुरी सीट पर कांग्रेस को हार मिली। यहां से खुद ज्योतिरादित्य सिंधिया को कभी उन्हीं के समर्थक रहे केपी यादव ने हरा दिया। ऐसे में प्रदेश की राजनीति पर पकड़ मजबूत करने के इरादे से दोनों बड़े नेताओं के समर्थकों के बीच अदावत चल रही है।

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