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भाजपा के एजंट की तरह काम कर रहे हैं अरुणाचल के राज्यपाल: तरुण गोगोई

अरुणाचल प्रदेश में राजनीतिक संकट के बीच असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने शनिवार को अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल ज्योति प्रसाद राजखोवा पर ‘भाजपा के एजंट और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक’ की तरह काम करने का आरोप लगाया..

Author गुवाहाटी | Updated: December 20, 2015 12:39 AM
असम के मुख्यमंत्र तरुण गोगोई। (पीटीआई फाइल फोटो)

अरुणाचल प्रदेश में राजनीतिक संकट के बीच असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने शनिवार को अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल ज्योति प्रसाद राजखोवा पर ‘भाजपा के एजंट और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक’ की तरह काम करने का आरोप लगाया। गोगोई ने एक संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि जेपी राजखोवा ने एक कठपुतली की तरह काम किया है। उन्होंने भाजपा के एजंट और संघ के प्रचारक की तरह काम किया। उन्होंने राजभवन की गरिमा और सम्मान को कम किया है। उन्होंने राजभवन को संघ कार्यालय में बदल दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजखोवा को नियमों का पालन करते हुए पड़ोसी राज्य के संवैधानिक प्रमुख की तरह काम करना चाहिए था। गोगोई ने कहा कि वे (राजखोवा) एक समय में मुख्य सचिव रह चुके हैं। इसका मतलब यह है कि ऐसा नहीं है कि उनको नियमों की जानकारी नहीं है। वे नियमों से अवगत हैं। उन्हें संविधान के अनुसार नियमों का पालन करना चाहिए था। उन्होंने साथ ही कहा कि उन लोगों (भाजपा) ने असम में भी ऐसा करने का प्रयास किया और इसीलिए उन्होंने हिमंता विस्वा सरमा को लिया लेकिन वे यहां ऐसा करने में विफल रहे…वे लोग कई राज्यों में ऐसा करने का प्रयास कर रहे हैं।

गोगोई ने आरोप लगाया कि असम के राज्यपाल पद्मनाभ बालाकृष्ण आचार्य ने योजनाओं के कार्यान्वयन में गैरसरकारी संगठनों को राज्य सरकार के खिलाफ भड़काने की कोशिश की। उन्होंने हालांकि आरोपों पर विस्तार से कुछ नहीं कहा।
असम के मुख्य सचिव रहे राजखोवा ने अरुणाचल प्रदेश विधानसभा का सत्र अगले साल 14 जनवरी से पहले आहूत कर 16 दिसंबर को बुलाया था, जिसके बाद एक अस्थायी परिसर में विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री को ‘हटाकर’ एक नया मुख्यमंत्री ‘निर्वाचित’ किया गया था। राजखोवा ने राज्य विधानसभा का सत्र पहले बुलाए जाने की अपनी अधिसूचना पर रोक के गौहाटी हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ तुरंत अपील करने का फैसला किया, जिससे राज्य में राजनीतिक संकट पैदा हो गया।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने केंद्र को निशाना बनाया। उन्होंने कहा- उन्होंने (भाजपा) अरुणाचल में जो किया, उसके लिए किसने कहा था? यह भारत सरकार है’। शर्मा ने दिल्ली में कहा कि आप डांस बारों और रेस्तराओं में अस्थायी विधानसभा बनाते हैं और केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल भेजते हैं। इस तरह की हास्यास्पद कार्रवाई संविधान पर खुला हमला है। उन्होंने कहा कि मुझे अत्यंत दुख है कि ये ऐसे घटनाक्रम हैं जो अत्यंत गंभीर हैं और इसीलिए इनका विरोध किया जाएगा। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि केंद्र में भाजपा के सत्ता में आने के बाद से देश ने ‘अभूतपूर्व स्तर’ की बदले की राजनीति देखी है।

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