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AIIMS में संदिग्ध हालत में हुई डॉक्टर की मौत

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के एक जूनियर रेजीडेंट (डॉक्टर) कुणाल की संदिग्ध हालत में मौत हो गई है। गुरुवार को पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

Author नई दिल्ली | Published on: March 18, 2016 4:27 AM

’कुणाल पिछले तीन दिन से खाना खाने नहीं आ रहे थे और दो दिन से नजर भी नहीं आए। ’बुधवार शाम को भी उनका कमरा नहीं खुला तो छात्रावास के वार्डन ने इसकी सूचना अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों  को दी। ’सुरक्षाकर्मियों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने छात्रावास का दरवाजा तोड़ा, तो कुणाल का शव बिस्तर पर पड़ा पाया। ’शुरुआती पूछताछ में पता चला कि डॉक्टर कुणाल नशीले पदाथों का सेवन करते थे। ’आज परिजनों के आने के बाद शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा। 

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के एक जूनियर रेजीडेंट (डॉक्टर) कुणाल की संदिग्ध हालत में मौत हो गई है। गुरुवार को पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल इसे मादक पदार्थ के अधिक सेवन से हुई मौत बताया जा रहा है। मूलत: बिहार के रहने वाले डॉक्टर कुणाल के परिजनों को सूचना दे दी गई है। शुक्रवार को उनके आने के बाद शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा। तभी मौत के असली कारणों का पता चलेगा।

इस मौत के साथ ही कई सवाल उठ रहे हैं जिनका अभी जवाब देने के लिए एम्स में कोई भी तैयार नही है। एम्स निदेशक बाहर हैं। मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर एसके शर्मा ने कहा कि इस बारे में पुलिस की जांच की रपट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। डॉक्टर कुणाल (34) का शव एम्स के मसजिद मोठ इलाके में बने छात्रावास के उनके कमरे (602) से संदिग्ध हालत में बरामद हुआ। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि शव बिस्तर पर पड़ा मिला और कमरा अंदर से बंद था।

उनके शव पर चोट का कोई निशान नहीं था। बताया गया कि डॉक्टर मादक पदार्थों का सेवन करता था। शुरुआती जांच से पता चला कि कुणाल पिछले तीन दिन से खाना खाने नहीं आ रहे थे और दो दिन से नजर भी नहीं आए। जब बुधवार शाम को भी उनका कमरा नहीं खुला तो छात्रावास के वार्डन ने इसकी सूचना अस्पताल के सुरक्षागार्डों को दी। किसी अनहोनी की आशंका से सुरक्षाकर्मियों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस के आने के बाद छात्रावास का दरवाजा तोड़ा गया तो कुणाल का शव बिस्तर पर पड़ा मिला।

एम्स में ही एमडी करने वाले डॉक्टर कुणाल मेडिसिन विभाग के (अकदामिक) के तहत काम और पढ़ाई दोनों कर रहे थे। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में पता चला कि डॉक्टर कुणाल नशीले पदाथों का सेवन करते थे। उन्होंने कहा कि मौत के कारणों की अभी पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए हमने फिलहाल मामला सीआरपीसी की धारा-174(मादक पदार्थ से जुड़ा) के तहत दर्ज किया है। बताया यह भी गया कि वे अवसाद से ग्रस्त थे और उनका यहां के मनोरोग विभाग में इलाज भी चल रहा था।

एम्स के सुरक्षाकर्मियों ने बताया कि कुणाल जब बुधवार शाम अपने कमरे से बाहर नहीं आए, तब लोगों ने पूछा। उसने कहा कि उनके नशे की लत के बारे में सभी को पता था, मौके से इंजेक्शन भी मिले हैं। कुणाल के पिता को उनकी मौत की सूचना दे दी गई है। वे मूल रूप से बिहार के वैशाली जिले के हाजीपुर स्थित हाथीसरगंज के रहने वाले थे। परिजनों के आने के बाद शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा।

 

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