जेएनयू में योग के पाठ्यक्रम को मिली मंजूरी- JNU's Yoga course approved - Jansatta
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जेएनयू में योग के पाठ्यक्रम को मिली मंजूरी

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में शुक्रवार को आयोजित हुई विद्वत परिषद (एसी) बैठक में योग पाठ्यक्रम को मंजूरी मिल गई। यह पाठ्यक्रम संस्कृत केंद्र के अंतर्गत योग दर्शन पाठ्यक्रम संचालित किया जाएगा।

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में शुक्रवार को आयोजित हुई विद्वत परिषद (एसी) बैठक में योग पाठ्यक्रम को मंजूरी मिल गई। यह पाठ्यक्रम संस्कृत केंद्र के अंतर्गत योग दर्शन पाठ्यक्रम संचालित किया जाएगा। वहीं, छात्र संगठनों ने आरोप लगाया है कि इस बैठक के दौरान उनकी कोई बात नहीं सुनी गई। इसके अलावा इस बैठक में शिक्षकों और छात्रों के बीच झड़प का मामला भी सामने आया है। जेएनयू के रजिस्ट्रार प्रमोद कुमार ने बताया कि शुक्रवार को हुई एसी की बैठक में योग दर्शन के पाठ्यक्रम को मंजूरी मिल गई है। इसके अलावा विश्वविद्यालय में आपदा प्रबंधन का विशेष केंद्र बनाने पर भी सहमति बनी है। अभी तक विश्वविद्यालय में आपदा प्रबंधन को एक विषय के रूप में पढ़ाया जा रहा था जिसे अब केंद्र में परिवर्तित किर दिया गया है।

एसी बैठक में कॉलेज आॅफ मिलिट्री इंजीनियरिंग में पीएचडी और एमफिल पाठ्यक्रम शुरू करने का फैसला किया गया है।एसी बैठक में शिक्षकों और छात्रसंघ पदाधिकारियों के बीच झड़प का मामला भी सामने आया है। जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष मोहित कुमार पांडे ने आरोप लगाया है कि बैठक के दौरान शिक्षकों ने उनकी कमीज का कॉलर पकड़ कर अभद्रता की जबकि जेएनयू शिक्षक संघ का कहना है कि बैठक में बिना बहस के ही सारे प्रस्ताव कर दिए गए, जो नियमों के खिलाफ है।
दूसरी ओर, इस पूरे मामले पर एसी के एक सदस्य ने बताया कि छात्र संघ और शिक्षक संघ ने योजनाबद्ध तरीके से बैठक में व्यवधान डालने की कोशिश की थी। इसमें वे सफल नहीं हुए तो उन्होंने व्यवधान डालते हुए शिक्षकों से झड़प करना शुरू कर दिया।

जेएनयू प्रशासन ने विभिन्न प्रस्ताव पर चर्चा करने और उन्हें अंतिम मंजूरी देने के लिए 9 मई 2017 को 143वीं एसी बैठक आयोजित की गई थी जिसे उस दौरान शोर-शराबे के कारण स्थगित कर दिया गया था और इसी बैठक को 16 जून के लिए दोबारा प्रस्तावित किया गया था। इस बैठक के खिलाफ जेएनयू शिक्षक संघ और जेएनयू छात्र संघ ने मोर्चा खोल रखा था।
जेएनयू शिक्षक संघ के सदस्य का कहना है कि बैठक में 60 सदस्य मौजूद थे जिनमें से 40 सदस्य यूजीसी अधिसूचना के प्रस्ताव समेत अन्य प्रस्तावों पर चर्चा चाहते थे, लेकिन कुलपति ने किसी भी सदस्य को चर्चा करने का कोई मौका नहीं दिया और बिना बहस के ही सारे प्रस्ताव बैठक में पास कर दिए गए। उन्होंने कहा कि बैठक असंवैधानिक तरीके से आयोजित की गई थी। उन्होंने कहा कि शिक्षक संघ चाहता था कि एमएससी गणित विषय पर पाठ्यक्रम शुरू करने को लेकर चर्चा हो, लेकिन कुलपति ने किसी भी विषय पर कोई चर्चा नहीं होने दी और इस विषय को फिलहाल टाल दिया गया। उधर, छात्र संघ अध्यक्ष मोहित का आरोप है कि जिन शिक्षक ने उनके साथ बुरा व्यवहार किया, वह एसी के सदस्य नहीं हैं। उन्हें ऐसा व्यवहार करने के लिए ही इस बैठक में बुलाया गया था।

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