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JNU परिसर में बिरयानी पकाकर साथियों के साथ खाई, लगा 6,000 रुपये का जुर्माना, ABVP ने बताया-बीफ बिरयानी

चीफ प्रॉक्टर कौशल कुमार शर्मा ने यह आदेश जारी किया है।

Author नई दिल्ली | Updated: November 10, 2017 12:42 PM
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी का एडमिन ब्लॉक।

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी की एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग के आगे बिरयानी बनाकर संस्थान के नियमों का उल्लंघन करने के मामले में एक छात्र पर 6 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक चीफ प्रॉक्टर कौशल कुमार शर्मा ने यह आदेश जारी किया है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में 4-5 छात्रों पर जुर्माना लगाने का दावा किया जा रहा है। लेकिन आदेश में कहा गया कि 27 जून को मोहम्मद आमिर मलिक नाम का छात्र संस्थान की एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग के बाहर सीढ़ियों के पास खाना (बिरयानी) बनाने और अन्य छात्रों के साथ उसे खाने में शामिल था। वह संस्थान के सेंटर अॉफ अरेबिक एंड अफ्रीकन स्टडीज का छात्र है। उन्होंने 2013 में जेएनयू में एडमिशन लिया था। आदेश के मुताबिक आरोपी छात्र ने अनुशासन तोड़ा है और उस पर 6 हजार रुपये का फाइन लगाया गया है। उन्हें जुर्माना भरने के लिए 10 दिनों का समय दिया गया है। वहीं छात्र संगठन एबीवीपी ने कहा है कि यह ‘बीफ बिरयानी’ थी।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक जेएनयूएसयू की पूर्व जनरल सेक्रेटरी शत्रुपा चक्रबर्ती पर अन्य छात्रों के साथ बिरयानी खाने और वीसी दफ्तर में विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व करने पर 10000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। दूसरे मामले में उन्हें रोजाना के अकैडमिक और एडमिनिस्ट्रेटिव कामों में रुकावट पैदा करने को लेकर आरोपी ठहराया गया है। इससे पहले जेएनयू प्रशासन और दिल्ली हाई कोर्ट ने एडमिन बिल्डिंग के 100 मीटर के दायरे में विरोध प्रदर्शनों पर रोक लगा दी थी।

एचटी के मुताबिक आमिर मलिक ने कहा कि कैंपस के सारे ढाबे रात 11 बजे बंद हो गए थे, इसलिए छात्रों ने खाना पकाने का सोचा। जिन छात्रों ने वीसी का विरोध किया, उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा, हमारे खिलाफ कोई खास आरोप नहीं है। लेकिन वीसी किसी भी काम को नियमों के खिलाफ बता सकते हैं। उन्होंने कहा, खाना पकाना अनुशासनहीनता कब से हो गया? वहीं चक्रबर्ती ने कहा कि प्रशासन इसके जरिए छात्रों को निशाना बना रहा है। जेएनयू प्रॉक्टर कार्यालय खाना बनाने, बिरयानी खाने और वीसी के दफ्तर के बाहर अपॉइंटमेंट लेने को अनुशासनहीनता मानता है। एक अन्य छात्र चेपाल शेरपा का कहना है कि वह सिर्फ कुछ देर के लिए घटनास्थल पर अपने दोस्त से मिलने आए थे और विरोध-प्रदर्शन का हिस्सा नहीं थे।

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