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मुकदमे की इजाजत देने के लिए दिल्ली सरकार ने मांगा और वक्त

दिल्ली सरकार ने जेएनयू राजद्रोह मामले में जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार और अन्य के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति पर ‘किसी निर्णय तक पहुंचने के वास्ते’ बुधवार को एक महीने का समय मांगा।

Author नई दिल्ली | Updated: April 4, 2019 12:50 AM
जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार

दिल्ली सरकार ने जेएनयू राजद्रोह मामले में जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार और अन्य के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति पर ‘किसी निर्णय तक पहुंचने के वास्ते’ बुधवार को एक महीने का समय मांगा। आप सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि इस बारे में अभी कोई फैसला नहीं हो सका है और निर्णय लेने के लिए सरकार को एक महीने का वक्त दिया जाना चाहिए। मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट दीपक शेरावत ने आप सरकार को तय समय सीमा के साथ उचित जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने बिना विधिक प्रक्रिया अपनाए ही देशद्रोह की धाराएं लगाकर मामला आगे बढ़ा दिया था। इसके लिए जरूरी समुचित मंजूरी नहीं ली गई थी। देशद्रोह का मुकदमा चलाने के लिए दिल्ली सरकार ने जरूरी अनुशंसा नहीं की है। दिल्ली पुलिस अदालत को बता चुकी है कि इस मामले में कुमार और अन्य के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए अधिकारियों की मंजूरी मिलनी बाकी है और इसे मिलने में दो से तीन महीने का समय लग सकता है।

इससे पहले दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त प्रमोद कुशवाह ने अदालत से कहा था कि एजंसी ने पहले ही अनुमति के लिए दिल्ली सरकार को अनुरोध भेज दिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि मंजूरी लेना एक प्रशासनिक प्रक्रिया है और इसके बिना भी आरोपपत्र दाखिल किया जा सकता है। पुलिस ने कुमार और अन्य के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दायर करते हुए कहा था कि नौ फरवरी, 2016 में जेएनयू परिसर में हुए समारोह में निकाले गए जुलूस का वह नेतृत्व कर रहा था और उसने राजविरोधी नारों का समर्थन किया था।

हालांकि अदालत ने कन्हैया कुमार, जेएनयू के पूर्व छात्रों उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य सहित अन्य के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति हासिल करने के लिए तीन हफ्ते का समय भी दिया था। लेकिन तय समय में पुलिस अदालत को केवल यही बता सकी कि मामले में प्रगति क्यों और कहां अटकी है। दिल्ली सरकार का नाम आने पर अदालत ने कहा-संबंधित अधिकारियों से मामले में तेजी लाने को कहें। वे अनिश्चितकाल तक फाइल को लेकर बैठ नहीं सकते। पुलिस ने अदालत को बताया कि मंजूरी दिल्ली सरकार की ओर से लंबित है और कुछ ही दिनों में हासिल कर ली जाएगी।

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