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पुलिस ने खालिद को बताया जेएनयू में हुए बवाल का मास्टरमाइंड, कश्मीर और खाड़ी देशों में की थी बात

जेएनयू बवाल का मास्टरमाइंड उमर खालिद की तलाश के लिए 10 राज्यों में करीब 80 जगहों पर छापेमारी की गई है। दिल्ली पुलिस की आठ टीमें इस मामले को देख रही थीं अब पांच और टीमें बनाई गई हैं।

Author नई दिल्ली | February 21, 2016 5:33 PM
उमर खालिद की गिरफ्तारी के लिए परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों, दोस्तों और जानने वालों से पूछताछ की जा रही है। एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों पर भी अलर्ट जारी कर दिया गया है।

संसद हमले के गुनाहों के लिए फांसी पर चढ़ाए गए अफजल गुरु के समर्थन में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में हुए कार्यक्रम का मुख्य आयोजक उमर खालिद थे। पुलिस ने दर्ज प्राथमिकी में खालिद को ही इस विवाद का मास्टरमाइंड बताया है। दावा है कि वीडियो में उमर खालिद ही सबके हौसले बढ़ाते दिख रहे है। यह भी बताया जा रहा है कि जेएनयू से बाहर के कुछ कश्मीरी लड़के-लड़कियां भी उमर खालिद के बुलावे पर ही यहां आए थे। कुछ ने चेहरे ढक रखे थे, क्योंकि उन्हें शायद पहचाने जाने का डर था? यही वो लोग थे जो भारत विरोधी नारेबाजी का नेतृत्व कर रहे थे लेकिन अभी तक उमर खालिद फरार हैं। पुलिस का दावा है कि वे जल्द पुलिस के गिरफ्त में होगें। जांच से जुड़े एक पुलिस अधिकारी की माने तो उमर खालिद की गिरफ्तारी के लिए पुलिस तमाम कोशिशों के बीच उसकी कॉल डीटेल भी पुलिस के हाथ लगी है, जिससे काफी चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। उमर खालिद जेएनयू के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज में पीएचडी के छात्र हैं। वे चरम वामपंथी छात्र संगठन डेमोक्रेटिक स्टूडेंट यूनियन (डीएसयू) के सदस्य हैं। उनकी तलाश में पुलिस उसके पुश्तैनी गांव तक जा पहुंची है। दिल्ली पुलिस आयुक्त बीएस बस्सी ने शुक्रवार को कहा कि (जेएनयू) में देश विरोधी नारे लगाए जाने के मामले की जांच सही दिशा में चल रही है।

सूत्रों के मुताबिक, उमर खालिद के 987396 और 995387 से शुरू होने वाले दो नंबरों की कॉल डीटेल से पता चला है कि उसने 3 फरवरी से 9 फरवरी के बीच 800 से ज्यादा फोन कॉल किए। जिनमें से 38 कॉल जम्मू-कश्मीर की गई हैं और 65 कॉल वहां से इन नंबरों पर रिसीव की गई हैं। इसके अलावा खालिद ने ज्यादातर फोन दिल्ली से बाहर अलग-अलग शहरों में किए हैं। साथ ही यह भी दावा है कि कई कॉल बांग्लादेश और खाड़ी देशों में भी की गई हैं। दो महीने की कॉल डीटेल पुलिस ने निकाली है जिसकेआधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। जांच में इसके अलावा कई चीजें सामने आईं हैं। दावा है कि एक महीने में कई बार उमर खालिद रोमिंग में थे। अलग-अलग शहरों में उसकी लोकेशन मिली है। खालिद की तलाश के लिए 10 राज्यों में करीब 80 जगहों पर छापेमारी की गई है। दिल्ली पुलिस की आठ टीमें इस मामले को देख रही थीं अब पांच और टीमें बनाई गई हैं। उसकी गिरफ्तारी के लिए परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों, दोस्तों और जानने वालों से पूछताछ की जा रही है। एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों पर भी अलर्ट जारी कर दिया गया है।

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इसपर दिल्ली पुलिस आयुक्त बीएस बस्सी ने शुक्रवार को कहा कि जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय में देश विरोधी नारे लगाए जाने के मामले की जांच सही दिशा में चल रही है और उन्हें उम्मीद है कि इस मामले में आरोपी बनाए गए भगोड़े छात्रों को जल्दी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। बस्सी द्वारका में नए थाने और पुलिसकमिर्यों के लिए एक नए रिहाइशी परिसर के शिलान्यास के मौके पर संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। जेएनयू विवाद में देश विरोधी नारे लगाने के मामले में एक छात्र उमर खालिद और कुछ अन्य छात्रों के नाम प्रमुखता से आने, और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम के विभिन्न राज्यों में छापेमारी करने के सवाल पर पुलिस आयुक्त ने कहा कि जांच सही दिशा में है और आरोपी जल्दी पकड़ लिए जाएंगे। तिहाड़ जेल में बंद जेएनयू छात्र अध्यक्ष कन्हैया कुमार की सुरक्षा के बारे में पूछे जाने पर बस्सी ने कहा कि कन्हैया के खिलाफ गंभीर आरोप लगे हैं ऐसे में यदि उसे जमानत पर रिहा भी किया जाता है तो पुलिस को उसे अतिरिक्त सुरक्षा मुहैया करानी पड़ेगी ताकि उसकी जान को किसी तरह का खतरा नहीं हो।

जेएनयू प्रकरण को लेकर विवाद में घिरने और इसके कारण सूचना आयुक्त के पद के लिए सशक्त दावेदार होने की उनकी संभावनाए खत्म होने से जुड़ी खबरों के सवाल पर पुलिस आयुक्त ने कहा कि वह इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते और वैसे भी उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। इस मामले में पांच अन्य आरोपी उमर खालिद, अनंत प्रकाश, रमा नागा, आशुतोष और अनिर्बान जेएनयू परिसर से फरार हैं। भाजपा सांसद महेश गिरि और एबीवीपी की शिकायत पर वसंत कुंज थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 124 ए (देशद्रोह) और 120 बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत अज्ञात लोगों पर मामला दर्ज किया गया था।

 

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