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जम्मू एवं कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के अध्यक्ष यासीन मलिक के हाथों फिर लगी हथकड़ी

जम्मू एवं कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के अध्यक्ष मोहम्मद यासीन मलिक को अलगाववादियों द्वारा आहूत बैठक में हिस्सा लेने से रोकने के लिए मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया।

Author श्रीनगर | July 12, 2017 12:44 pm
जम्मू एवं कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के अध्यक्ष मोहम्मद यासीन मलिक

जम्मू एवं कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के अध्यक्ष मोहम्मद यासीन मलिक को अलगाववादियों द्वारा आहूत बैठक में हिस्सा लेने से रोकने के लिए मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया। मलिक को अबी गुजर क्षेत्र में उस समय हिरासत में लिया गया, जब वह अली कदाल में बैठक में हिस्सा लेने जा रहे थे। इससे पहले हुर्रियत के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक और उनके सहयोगी शाहिद-उल-इस्लाम को भी बैठक में हिस्सा लेने से रोकने के लिए नजरबंद किया गया था। गौरतलब है कि इससे पहले भी मलिक को श्रीनगर में शुक्रवार को एक जुलूस की अगुवाई करने की कोशिश के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया था। मलिक गुरुवार को भूमिगत हो गए थे, जबकि दूसरे वरिष्ठ अलगाववादी नेताओं को अधिकारियों ने जुलूस को रोकने के लिए नजरबंद कर दिया था। अलगाववादी नेताओं ने इस सप्ताह के शुरू में सुरक्षा बलों की गोलीबारी में एक युवक के मारे जाने के खिलाफ जुलूस निकालने का आह्वान किया था।

मलिक और उनके समर्थकों का जुलूस शहर के लाल चौक की तरफ बढ़ रहा था, लेकिन पुलिस ने उन्हें सराय बाला इलाके में रोक लिया। उन्होंने मलिक को हिरासत में ले लिया। अलगाववादियों ने शोपियां जिले के जनावपोरा गांव में मंगलवार को सुरक्षा बलों की गोलीबारी में आदिल फारूक मागरे के मारे जाने पर पूरे घाटी में शुक्रवार को बंद और विरोध प्रदर्शन की घोषणा की थी। आतंकवाद विरोधी अभियान को रोकने के लिए भीड़ ने सुरक्षा बलों पर पथराव किया। इसी दौरान मागरे सुरक्षा बलों का निशाना बना।

बता दें कि प्रशासन ने अलगाववादियों द्वारा आहूत प्रदर्शन एवं बंद के मद्देनजर शुक्रवार को घाटी में कर्फ्यू जैसा प्रतिबंध लगा दिया था। अलगाववादियों ने पिछले सप्ताह सुरक्षाबलों की गोलीबारी में मारे गए युवक के विरोध में प्रदर्शन आहूत किया है। ये क्षेत्र नौहट्टा, रैनावारी, खानयार, एम.आर.गंज, क्रालखंड, मैसूमा और सफा कदल पुलिसथानों के तहत आते हैं। अनंतनाग, शोपियां, पुलवामा, कुलगाम, बारामूला, बडगाम, गांदरबल, बांदीपोरा और कुपवाड़ा जिलों में आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत प्रतिबंध लगाया गया है।

अलगाववादियों ने जनावपोरा गांव के आदिल फारुख मागरे की हत्या के विरोध में भी बंद एवं प्रदर्शन का आह्वान किया है। गौरतलब है कि गुरुवार को पथराव कर रही भीड़ की सुरक्षाबलों के साथ हुई झड़प में मागरे की मौत हो गई थी। सुरक्षा के मद्देनजर सभी शिक्षण संस्थानों को बंद कर दिया गया है। शुक्रवार को होने वाली परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। बारमूला और बनिहाल के बीच चलने वाली रेल सेवाएं रद्द कर दी गई हैं। वरिष्ठ अलगाववादी नेता सईद अली शाह गिलानी को नजरबंद रखा गया है, वहीं मीरवाइज उमर फारूक को भी शुक्रवार को नजरबंद किया गया है। पुलिस ने बताया कि जम्मू एवं कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के अध्यक्ष यासीन मलिक का कहीं कुछ पता नहीं चल रहा है। वह लाल चौक पर प्रदर्शन की योजना बना रहे हैं। पुलिस ने बताया कि जिन स्थानों पर प्रतिबंध नहीं लगाया है, वहां पर सुरक्षाबलों की भारी तैनाती की गई है।

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