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कश्‍मीर: एलओसी के रास्‍ते भारत में घुस रहे 4 आतंकियों को सेना ने किया ढेर, एनकाउंटर जारी

सेना के एक अधिकारी ने आज बताया कि घटना कल देर रात हुई जब नियंत्रण रेखा की सुरक्षा में तैनात सैनिकों ने माछिल सेक्टर में सीमापार से आतंकवादियों के एक समूह को घाटी में घुसपैठ का प्रयास करते हुए देखा।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि भारतीय सेना हमले का प्रभावी तरीके से मुंहतोड़ जवाब दे रही है। (पीटीआई फाइल फोटो)

जम्‍मू-कश्‍मीर के कुपवाड़ा जिले के माछिल सेक्‍टर में बुधवार को सेना ने घुसपैठ की कोशिश को नाकाम किया। एलओसी पर तैनात सैनिकों ने देखा कि आतंकियों का एक समूह अंधेरे में सीमा पार करने की कोशिश कर रहा है। इसके बाद सैनिकों और आतंकियों के बीच भारी गोलीबारी हुई। घने जंगल के जरिए भागने की कोशिश कर रहे चार आतंकियों को सेना ने मार गिराया। समूह के अन्य आतंकवादियों की तलाश के लिए तलाशी अभियान जारी है। गत 15 दिनों में यह उत्तर कश्मीर में सेना की ओर से विफल किया गया घुसपैठ का तीसरा प्रयास है। गत 26 मई को पाकिस्तानी बार्डर एक्शन टीम (बैट) के दो सदस्य मारे गए थे जिन्होंने सैनिकों पर हमला करने के लिए उरी सेक्टर में घुसपैठ का प्रयास किया था। अगले दिन उसी सेक्टर में छह और आतंकवादी मारे गए थे जब उन्होंने सीमापार से घाटी में घुसपैठ का प्रयास किया था।

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के बांदिपुरा जिले में सोमवार को आतंकवादियों ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 45वीं बटालियन के कैम्प पर आत्मघाती हमला करने की कोशिश की। सुरक्षा बलों की कार्रवाई में चार आतंकवादी मारे गए। मारे गए आतंकवादियों के पास से सुरक्षा बलों को भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद मिले हैं। सीआरपीएफ के सब-इंस्पेक्टर योगेश कुमार ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि ये हमला सोमवार तड़के 3.30 बजे हुआ।

सीआरपीएफ के जिस 45वीं बटालियन कैम्प पर हमला हुआ है वो बांदिपुरा के संबल में स्थित है। जम्मू-कश्मीर पुलिस के अनुसार मारे गए चारों आतंकवादिोयं के पास से एके राइफल, ग्रेट इत्यादि मिले हैं। मारे गए आतंकवादियों के पास से सुरक्षा बलों को पेट्रोल भी मिला है। पुलिस के अनुसार आतंकवादी सीआरपीएफ कैम्प में आग लगाना चाहता थे।

पिछले साल सितंबर में कश्मीर के उरी में स्थित भारतीय सेना के ब्रिगेड मुख्यालय पर हुए आतंकवादी हमले में 19 जवान मारे गए थे। ज्यादातर जवानों की मौत कैम्प में आतंकवादियों द्वारा लगायी गयी आग की चपेट में आ जाने के कारण हुई थी। उही हमले में शामिल चार आतंकवादी सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में मारे गए थे। उरी  हमले के बाद भारत द्वारा नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर  में की गई सर्जिकल स्ट्राइक में कई आतंकवादी मारे गए थे और उनके ठिकाने भी नष्ट कर दिए कर दिए गए थे।

कश्मीर में पिछले साल जुलाई में हिज्बुल मुजाहिद्दीन के आतंकवादी बुरहान वानी के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद से हिंसा जारी  है। पिछले एक साल में कश्मीर में एक दर्जन से ज्यादा आतंकवादी हमले हो चुके हैं। वहीं पाकिस्तान द्वारा दो दर्जन से ज्यादा बार सीजफायर का उल्लंघन किया जा चुका है।

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