ताज़ा खबर
 

चुनाव में जीत के 3 दिन बाद BJP के तेवर: जम्मू-कश्मीर के पार्टी चीफ बोले- आर्टिकल 370 और 35ए हटाने का वक्त आ गया

जम्मू-कश्मीर के बीजेपी प्रमुख रविंदर रैना का कहना है कि अगर आर्टिकल 35ए संवैधानिक गड़बड़ी है और आर्टिकल 370 नफरत की दीवार है तो हम चाहते हैं कि दोनों प्रावधानों को जल्द से जल्द रद्द किया जाए।

Author श्रीनगर | May 27, 2019 9:23 AM
रविंदर रैना (फोटो सोर्स: इंडियन एक्सप्रेस)

लोकसभा चुनाव 2019 में प्रचंड जीत के महज 3 दिन बाद ही बीजेपी के नेताओं ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। जम्मू-कश्मीर के बीजेपी चीफ रविंदर रैना का कहना है कि अब कश्मीर से आर्टिकल 370 और 35ए हटाने का वक्त आ गया है। इन दोनों प्रावधानों को जल्द से जल्द रद्द किया जाना चाहिए। बता दें कि बीजेपी ने जम्मू और लद्दाख डिवीजन में 3 लोकसभा सीटें जीती हैं।

बीजेपी चीफ ने दिया यह बयान: रविंदर रैना ने कहा कि अगर आर्टिकल 35ए संवैधानिक गड़बड़ी है और आर्टिकल 370 नफरत की दीवार है तो हम चाहते हैं कि दोनों प्रावधानों को जल्द से जल्द रद्द किया जाए।

दोनों आर्टिकल से जनता परेशान: रविंदर रैना ने कहा कि इन दोनों प्रावधानों ने जम्मू और लद्दाख डिवीजनों के लोगों के साथ बहुत अन्याय किया है। वहीं, प्रजा परिषद और जनसंघ के समय से बीजेपी इन दोनों आर्टिकल को रद्द कराने के लिए लड़ रही है।

National Hindi News, 27 May 2019 LIVE Updates: पढ़ें आज की बड़ी खबरें

आर्टिकल 370 स्थायी प्रावधान नहीं: रैना ने आर्टिकल 370 की ओर इशारा करते हुए कहा कि यह स्थायी प्रावधान नहीं है। इसे उस वक्त राज्य के विस्तार के लिए लाया गया था। आज भी संविधान में इसे अस्थायी और हटाए जा सकने वाले प्रावधान के रूप में बताया गया है।
बीजेपी नेता ने लगाया यह आरोप: बीजेपी नेता रविंदर रैना ने कहा कि आर्टिकल 370 ने सिर्फ अलगाववाद और आतंकवाद की भावना पैदा की है। इस आर्टिकल की मदद से देश के 100 परिवारों को देश के गरीबों को लूटने की सुविधा मिली।

आर्टिकल 35ए को बताया ब्लंडर: रैना ने आर्टिकल 35ए को संवैधानिक ब्लंडर करार दिया। उन्होंने कहा कि यह आर्टिकल संविधान में पिछले दरवाजे से लाया गया। उन्होंने कहा कि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित होने के बाद ही कोई प्रावधान संविधान का हिस्सा बनता है। इसके बाद उसे सहमति के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा जाता है। वहीं, आर्टिकल 35ए संसद के किसी भी सदन में पास नहीं कराया गया था।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

X