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ट्रिपल मर्डर केस में बरी हुए राजद के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन लेकिन तिहाड़ जेल से नहीं निकल सकेंगे बाहर

सोमवार (17 अप्रैल) को जदमशेदपुर जिला अदालत ने गवाहों के अभाव में उन्हें बरी कर दिया।

राजद के पूर्व सांसद और बाहुबली नेता शहाबुद्दीन। (फाइल फोटो)

राष्ट्रीय जनता दल के पूर्व सांसद और बाहुबली नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन को झारखंड की जमशेदपुर जिला अदालत ने 28 साल पुराने ट्रिपल मर्डर केस में बरी कर दिया है। हालांकि, यह उनके लिए बड़ी राहत की खबर है। बावजूद इसके वो फिलहाल दिल्ली के तिहाड़ जेल में ही बंद रहेंगे। वो अन्य मामलों में भी सजायफ्ता हैं, इसलिए फिलहाल तिहाड़ जेल में ही रहेंगे। सोमवार (17 अप्रैल) को जदमशेदपुर जिला अदालत ने गवाहों के अभाव में उन्हें बरी कर दिया।

इस मामले में 3 अप्रैल को वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के जरिए शहाबुद्दीन की पेशी हुई थी। 15 मिनट की पेशी में शहाबुद्दीन ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजीत कुमार सिंह के सामने अपने बयान ऑनलाइन दर्ज कराए थे और खुद को इस मामले में निर्दोष बताया था।

गौरतलब है कि 28 साल पहले जिले के जुगसलाई थाना क्षेत्र से महज 100 मीटर की दूरी पर कांग्रेस युवा अध्यक्ष प्रदीप मिश्रा और उनके दो साथियों जनार्द्धन चौबे और आनंद राव की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पूर्व सांसद रामा सिंह, साहेब सिंह, शहाबुद्दीन समेत कई लोगों को मुख्य आरोपी बनाया गया था। अदालत के फैसले पर पीड़ित परिवार ने दुख जताया है और कहा कि घटना के मुख्य चश्मदीद बरमेश्वर पाठक ने गवाही नहीं दी इसीलिए सभी आरोपी एक-एक कर बरी हो गए।

गौरतलब है कि 02 फरवरी 1989 की शाम टाटा स्टील पावर हाउस के पास जुगसलाई में प्रदीप मिश्रा और उनके साथियों को गोलियों से भून दिया गया था।  इस केस में शहाबुद्दीन समेत कुल आठ लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिनमें से तीन की मौत ट्रायल के दौरान हो गई। चार आरोपियों को साल 2006 में बरी कर दिया गया था और अब 28 साल बाद आखिरी आरोपी शहाबुद्दीन को भी बरी कर दिया गया।

वीडियो: सुप्रीम कोर्ट का आदेश- "शहाबुद्दीन को 7 दिन के भीतर सिवान जेल से तिहाड़ जेल शिफ्ट करें"

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