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प्लान बना कर किया 5 कलाकारों का गैंगरेप, बंदूक और लकड़ी डाली- पुलिस ने दिया ब्योरा

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने पुष्टि की है कि पीड़ित महिलाओं पर अत्याचार किया गया और उनके निजी अंगों में बंदूक और लकड़ियां डाल दी गई। वही पुलिस अधिकारी मलिक ने कहा कि आरोपियों ने ग्रुप के पुरुष सदस्यों को अपने हाथ में पेशाब करने और फिर उसे पीने को मजबूर किया।

प्रतीकात्मक तस्वीर।

झारखंड के नक्सलवाद प्रभावित खूंटी जिले में पांच युवतियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म मामले में पुलिस ने दो प्राथमिकियां दर्ज कर आरोपियों को कथित तौर पर शह देने वाले एक पादरी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। झारखंड पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आर के मलिक ने शनिवार शाम को कहा कि आरोपियों ने दो पीड़ित महिलाओं के निजी अंगों में बंदूक और लकड़ी डाल दी थी। इन बदमाशों ने पूरे घटना का वीडियो भी अपने मोबाइल से रिकॉर्ड किया। पीड़ित पांचों महिलाएं ने ह्यूमन ट्रैफिकिंग के खिलाफ जागरुकता अभियान चलाने वाले एक नुक्कड़ नाटक समूह का हिस्सा थीं। पुलिस का कहना है कि सामूहिक दुष्कर्म की इस घटना को पीड़ितों को सबक सिखाने के लिए आपराधिक साजिश के तहत अंजाम दिया गया। 19 जून को झारखंड के खूंटी जिले के अड़की थानांतर्गत कोचांग में वारदात हुई थी। मलिक ने बताया कि इस घृणित अपराध में खूंटी में पत्थलगड़ी से जुड़े बदमाशों और पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया के नक्सलियों के भी शामिल होने की बात सामने आयी है जिसकी जांच की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

पुलिस ने मंगलवार की इस घटना में पहली प्राथमिकी एक गैर सरकारी संगठन की शिकायत पर मिशन विद्यालय के पादरी फादर अल्फांसो आइंद और पांच अन्य के खिलाफ दर्ज की है।पादरी पर अपराधियों को न सिर्फ शह देने बल्कि उन्हें संरक्षण देने और सामूहिक बलात्कार के पूरे मामले को रफा-दफा करा देने की कोशिश के आरोप हैं। पादरी को इस मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किया और प्रारंभिक पूछताछ के बाद निजी मुचलके पर रिहा कर दिया। मलिक ने बताया कि अपराधी हथियारों से लैस होकर जब मिशन स्कूल पहुंचे तो सामाजिक जागरूकता लाने वाला नुक्कड़ नाटक चल रहा था। अपराधियों ने उसे रुकवाया और वहीं से पांचों युवतियों और उनके तीन पुरुष सदस्यों का अपहरण कर लिया। उन्होंने दावा किया कि जब अपराधी युवतियों और उनके साथियों का अपहरण कर रहे थे तो फादर ने इसे रोकने के लिए कोई प्रयास नहीं किया बल्कि उन्होंने युवतियों एवं उनके साथियों से कथित रूप से कहा कि वे अपराधियों के साथ चले जायें और अपराधी उन्हें कुछ समय बाद छोड़ देंगे। इतना ही नहीं जब अपराधी पांच पीड़ित युवतियों के साथ मिशन की दो नन को भी ले जा रहे थे तो पादरी ने उन्हें यह बताकर बचाया कि वे मिशन की नन हैं।

पुलिस के मुताबिरक अपराधी पांचों युवतियों और उनके तीन पुरुष साथियों को उन्हीं की गाड़ी में जबर्दस्ती बैठाकर सात से आठ किलोमीटर दूर छोटा उड़ो के जंगल में ले गये जहां पहले से ही पीएलएफआई समूह के नक्सलियों के साथ खूंटी में जारी पत्थलगड़ी की घटनाओं का नेता जॉन जोनास टूडी और अन्य अपराधी मौजूद थे। पुलिस के मुताबिक पत्थलगड़ी मूवमेंट का सेंकेंड इन कमांड जॉन जोनास टूडी ने ही इन कलाकारों के अपहरण की साजिश रची थी। इस मामले में गिरफ्तार फादर अल्फांसो आइंद कोचांग गांव में स्थित आर सी मिशन स्कूल के प्रबंधन समिति का सदस्य है। इस स्कूल में 900 छात्र हैं। ऑल चर्च कमिटि के सचिव बासिल किडो ने कहा है कि वे इस मामले पर प्रतिक्रिया नहीं दे सकते हैं, क्योंकि उन्हें इस मुद्दे के बारे में कुछ मालूम नहीं है। उन्होंने कहा कि वे पिछले कुछ दिनों से खूंटी के पदाधिकारियों से संपर्क में नहीं हैं।

पुलिस का कहना है कि इस गैंगरेप की साजिश जॉन जोनास टूडी ने रची थी। जॉन को जब पता चला कि नुक्कड नाटक मंडली ने खूंटी बाजार में परफॉर्मेंस दिया है और अब वे कोचांग गांव के स्कूल में नाटक करने वाले हैं तो इस शख्स ने तुरंत अपने लोगों को बुला लिया। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आर के मलिक ने बताया कि जॉन ने अपने लोगों को कहा कि ये लोग पत्थलगड़ी के खिलाफ अभियान चला रहे हैं और इन्हें सबक सिखाये जाने की जरूरत है। इसके तुरंत बाद हथियारों से लैस 6 लोग स्कूल पहुंच गये हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने पुष्टि की है कि पीड़ित महिलाओं पर अत्याचार किया गया और उनके निजी अंगों में बंदूक और लकड़ियां डाल दी गई। वही पुलिस अधिकारी मलिक ने कहा कि आरोपियों ने ग्रुप के पुरुष सदस्यों को अपने हाथ में पेशाब करने और फिर उसे पीने को मजबूर किया।

मलिक ने बताया कि पुलिस ने जहां पश्चिम सिंहभूम के रहने वाले अजूब सांडी पूर्ति और पश्चिम सिंहभूम के ही रहने वाले आशीष लोंगो को गिरफ्तार कर उनका अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 164 के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराकर जेल भेज दिया वहीं अन्य सभी की तलाश में छापेमारी जारी है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार दोनों अपराधियों ने अपना अपराध कबूल लिया है और पीड़ित युवतियों के समक्ष उनकी परेड कराकर उनकी पहचान भी करा ली गयी है। उन्होंने बताया कि अपने बयान में अपराधियों ने पीएलएफआई के नक्सलियों, पत्थलगड़ी के बदमाशों एवं मिशन के पादरी के शामिल होने की बात स्वीकार की है।

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