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हिंदू से बन गए थे ईसाई, ग्राम सभा ने 5 परिवारों का किया हुक्का-पानी बंद, हैंडपंप से पानी लेने तक पर मनाही!

पंचायती फरमान में कहा गया कि इन परिवारों को गांव के किसी भी समारोह में शामिल होने के लिए न्योता नहीं दिया जाएगा। वहीं कोई ग्रामीण इनके कार्यक्रमों शामिल होता है तो उसे एक हजार रुपए का जुर्माना देना होगा।

तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है।

हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपनाने के चलते झारखंड में पंचायत ने पांच परिवारों का हुक्का-पानी बंद कर दिया। करीब छह साल पहले इन परिवारों ने अपना धर्म बदल लिया था। मामला लातेहार में चंदवा प्रखंड के तेतरटोला गांव का है, जहां 10 अप्रैल को ग्राम प्रधान ने इन परिवारों के खिलाफ फैसला सुनाया। फैसले के चलते राशन की दुकान से इन परिवारों को राशन भी नहीं दिया जा रहा। सरकारी चौपालों में जाने की मनाही है। इन परिवारों को अपनी ही जमीन पर खेती नहीं करने जा रही है। इसके अलावा सार्वजनिक रास्तों से भी नहीं गुजरने दिया जा रहा।

पंचायती फरमान में कहा गया कि इन परिवारों को गांव के किसी भी समारोह में शामिल होने के लिए न्योता नहीं दिया जाएगा। वहीं कोई ग्रामीण इनके कार्यक्रमों शामिल होता है तो उसे एक हजार रुपए का जुर्माना देना होगा। इन परिवारों का राशन कार्ड और महिला समूह से सदस्यता रद्द करने की बात भी कही गई।

स्थानीय खबरों के मुताबिक बीते शुक्रवार को ग्राम प्रधान रामकेवल उरांव की अध्यक्षता में ग्राम सभा की बैठक हुई। बैठक में ईसाई धर्म अपनाने वाले मोतीला उरांव, लुका उरांव, बनारसी उरांव, माड़वारी उरांव और राजेश लोहरा को बुलाया गया। पंचायत में आरोप लगाया गया कि पांचों ने करीब छह साल पहले अपना धर्म बदल लिया। इसलिए सभी ग्रामसभा की ओर से दिए जाने वाले दंड के लिए तैयार रहे।

बैठक की कार्यवाही के दस्तावेज भी सामने आए हैं जिसमें करीब 140 ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं। मामला सामने आने के बाद डीसी राजीव कुमार के निर्देश पर जांच के लिए एक टीम गांव में पहुंची। जिसके बाद 13 मई को दोनों पक्षों के बीच बैठकें हुई। बीडीओ ने ग्राम प्रधान को फटकार लगाते हुए कहा कि वो संवैधानिक दायरे में रहते हुई ही फैसला दें।

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