झारखंड: भूख से बच्ची की मौत पर सीएम रघुबर दास की सफाई, बोले- राशन ना होता तो घर के और भी बच्चे मरते- Jharkhand CM Raghubar Das sad if there was no food how did they survive - Jansatta
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झारखंड: भूख से बच्ची की मौत पर सीएम रघुबर दास की सफाई, बोले- राशन ना होता तो घर के और भी बच्चे मरते

45 साल के बैजनाथ रविदास की मौत बीते शुक्रवार की शाम को उसके घर ताराबागन में हुई।

झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास। (एएनआई फोटो)

झारखंड में बीते दिनों कथित तौर पर दो लोगों की मौत पर अब सूबे के मुख्यमंत्री रघुबर दास ने बयान दिया है। न्यूज एजेंसी एएनआई की खबर के अनुसार उन्होंने कहा है कि बच्चे की मौत भूख की वजह से नहीं हुई। बल्कि बीमारी की वजह से उस बच्चे की मौत हुई है। बच्चे को मलेरिया था। घर में और भी बच्चे थे। अगर भूख की वजह से बच्चे की मौत होती तो अन्य बच्चे कैसे जिंदा रहते? इस दौरान उन्होंने कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी पार्टियों से इस मुद्दे पर राजनीति ना करने की भी अपील की। साथ ही कहा कि राशन और आधार कार्ड को लिंक करने में लापरवाही बरतने वाले पीएसयू कर्मी को निलंबित कर दिया गया है। गौरतलब है कि बीते दिनों सिमडेगा में 11 साल की बच्ची की भूख मरने की बात सामने आई थी। ऐसा ही एक मामला धनबाद से सामने आया था जहां एक रिक्शा चालक की मौत हो गई थी। परिवार का आरोप है कि शख्स की मौत भूख की वजह से हुई थी। हालांकि इस मामले में भी मुख्यमंत्री ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि जिस शख्स की मौत हुई उसके दो बेटे हैं जो सात-आठ हजार रुपए प्रति माह कमाते हैं। शख्स की मौत भी भूख की वजह से नहीं बीमारी की वजह से हुई है। जोकि बीते एक महीने से बीमार था। शख्स की मौत पर हॉस्पिटल का भी यही कहना था।

जानकारी के लिए बता दें कि 45 साल के बैजनाथ रविदास की मौत बीते शुक्रवार की शाम को उसके घर ताराबागन में हुई। बैजनाथ की पत्नी पार्वती देवी का कहना है कि उसके पति की मौत भूख की वजह से हुई है, क्योंकि उसने पिछले दो दिनों से खाना नहीं खाया था और परिवार के पास दवाइयां खरीदने के लिए भी पैसे नहीं थे। पार्वती ने पत्रकारों को बताया कि उसके घर में पिछले दो दिनों से चूल्हा नहीं जला था, क्योंकि घर में खाने के लिए कुछ नहीं था और बैजनाथ ने भूख के आगे घुटने टेक दिए। बैजनाथ के पांच बच्चे हैं- बड़े बटे रवि की उम्र 20 साल है, सूरज 14 साल, नीरज 10 साल, सुमन 16 साल और सुलेखा 8 साल की है।

 

वहीं सोशल मीडिया के माध्यम से जब ये खबर धनबाद डिप्टी कमिशनर ए डोड्डे तक पहुंची तो परिवार को तुरंत 20 हजार रुपए की मदद दी गई और 50 किलो अनाज भी दिया गया। डोड्डे ने बताया कि बैजनाथ पिछले एक महीने से बीमार था और जब उसकी मौत की खबर पुलिस को मिली तो जांच की गई। जांच में सामने आया कि बैजनाथ की मौत बीमारी की वजह से हुई थी, भूख से नहीं। बैजनाथ के परिवार का कहना है कि बैजनाथ ने अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में राशन कार्ड के लिए आवेदन किया था। हालांकि परिवार के सभी सदस्यों के पास आधार कार्ड है।
बैजनाथ के पड़ोसियों का कहना है कि उसे सांस की समस्या थी और वह पिछले महीने से बीमार था। स्थानीय डॉक्टर ने उसे दवाइयां भी लिखी थीं। बता दें कि बैजनाथ की पत्नी घर-घर जाकर काम करती है और बड़ा बेटा रवि अपने नाना के पास गया में रहता है। वहीं बाकी बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ाई करते हैं।

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