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अल्पसंख्यक संगठन की शिकायत पर लड़की गिरफ्तार कर भेजी गई जेल, विहिप और बजरंग दल भड़के

पुलिस का कहना है कि लड़की ने तबरेज अंसारी की लिंचिंग की घटना से जुड़े दूसरे सोशल मीडिया यूजर्स के भड़काऊ संदेशों को शेयर किया।

Author नई दिल्ली | July 14, 2019 9:07 AM
तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है।

झारखंड के रांची के पिथौरिया की एक किशोरी को फेसबुक पर नफरत भरे संदेश फैलाने के आरोप में शुक्रवार रात जेल भेज दिया गया। एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के मुताबिक, संघ परिवार से जुड़े संगठनों ने इस गिरफ्तारी पर तीखा विरोध जताया है। संगठनों का आरोप है कि गिरफ्तार की गई लड़की नाबालिग है।

द टेलिग्राफ की खबर के मुताबिक, पुलिस का दावा है कि लड़की की उम्र 19 साल है। हालांकि, पुलिस इस संदर्भ में कोई सबूत नहीं दे पाई है। पुलिस का कहना है कि लड़की ने तबरेज अंसारी की लिंचिंग की घटना से जुड़े दूसरे सोशल मीडिया यूजर्स के भड़काऊ संदेशों को शेयर किया। आरोप है कि कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में विभूतियों और फिल्मी सितारों के खिलाफ भी टिप्पणी की गई। वहीं, ‘देशभक्ति’ से संबंधित एक पोस्ट में महात्मा गांधी की शिक्षाओं का परित्याग करने की बात कही गई।

पिथौरिया की अंजुमन कमेटी ने इन सोशल मीडिया पोस्ट की जानकारी पुलिस को दी थी। अंजुमन कमेटी एक अल्पसंख्यक संगठन है जो सामाजिक मुद्दों पर काम करती है। पुलिस का कहना है कि लड़की नाबालिग नहीं है। उसकी उम्र 19 साल है और बीए अंतिम वर्ष की छात्रा है। पुलिस का कहना है कि अगर लड़की नाबालिग होती तो जज उसे जेल न भेजते। पिथौरिया पुलिस स्टेशन के प्रभारी विनोद राम ने इस बात की पुष्टि की कि अंजुमन कमेटी के सचिव की ओर से दी गई सूचना के आधार पर गिरफ्तारी की गई।

बता दें कि शनिवार दोपहर बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के करीब 200 समर्थकों ने पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया। उनका दावा है कि लड़की नाबालिग है और दसवीं में पढ़ती है। वहीं, इस मामले पर रांची ग्रामीण के एसपी आशुतोष शेखर ने कहा कि लड़की का परिवार बिहार के औरंगाबाद का रहने वाला है और 10 साल पहले ही पिथौरिया में बसा है। एक अन्य पुलिसवाले के मुताबिक, लड़की के पिता ठेकेदार थे।

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