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बच्चे बेचने का आरोप: ईसाई संगठन बोला, ‘मोदी-शाह से अच्छे रिश्ते, बदनाम करने के लिए कुछ ताकतें बना रहीं निशाना’

संवाददाताओं से बातचीत करते हुए थेडॉर मासकेयरहेन्स ने राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास का नाम लिए बगैर कहा कि उनके रिश्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई बड़े बीजेपी नेताओं से काफी अच्छे रहे हैं। लेकिन यहां कुछ ताकतें हैं जो उन्हें निशाना बना रही हैं।

ह्रदय -मिशनरीज ऑफ चैरिटी रांची फोटो सोर्स – इंडियन एक्सप्रेस

झारखंड की राजधानी रांची स्थित मिशनरीज ऑफ चैरिटी पर कथित तौर पर बच्चों को बेचने का आरोप लगा है। इस मामले में चैरिटी की एक महिला स्टाफ और एक नन को गिरफ्तार भी किया गया है। इन दोनों महिलाओं पर शेल्टर में जन्म लेने वाले बच्चों को बेचने का आरोप है। चैरिटी पर लगे इन गंभीर आरोपों के बाद अब कैथोलिक बिशॉप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया (CBCI) के महासचिव थेडॉर मासकेयरहेन्स सामने आए हैं और कहा है कि चैरिटी को बदनाम करने के लिए कुछ लोग इसे टारगेट कर रहे हैं।

संस्था को बदनाम करने की कोशिश: सीबीसीआई के महासचिव थेडॉर मासकेयरहेन्स ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि संस्था को बदनाम करने के पीछे कुछ ताकतें काम कर रही हैं। मासकेयरहेन्स ने रांची में संवाददाताओं से कहा कि मामले में हुई गिरफ्तारियों के आठ दिन बाद उन्हें एफआईआर की कॉपी मिली है, वो भी कोर्ट के जरिए। महासचिव ने आगे कहा कि सिर्फ हमारे वकील ने सिस्टर कॉनसीलिया से मुलाकात की, जबकि हमें उनसे मिलने की इजाजत नहीं दी गई। क्यों वो कोई बहुत बड़ी अपराधी हैं?

सिस्टर से जबरन कबूलवाया जुर्म: सीबीसीआई के महासचिव ने इस मामले में महिला स्टाफ अनिमा इंदवार के कृत्यों की निंदा की है। उन्होंने कहा कि चैरिटी के लिए सभी बच्चे पवित्र हैं इसलिए हम ऐसी कृत्यों की निंदा करते हैं। लेकिन इसके लिए पूरी संस्था को बदनाम करना ठीक नहीं है। इस मामले में पकड़ी गई एक और स्टाफ सिस्टर कॉनसीलिया के बारे में उन्होंने कहा कि इस पूरे कांड में उनकी कोई भूमिका नहीं है, बल्कि दवाब बनाकर उनका बयान दर्ज कराया गया है। उन्होंने दावा किया कि सिस्टर ने अपने वकील को बतलाया है कि उनपर दबाव बनाकर उनका बयान दर्ज कराया गया है। हमलोग कानूनी रुप से संघर्ष करेंगे।

पीएम से हैं अच्छे संबंध: संवाददाताओं से बातचीत करते हुए थेडॉर मासकेयरहेन्स ने राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास का नाम लिए बगैर कहा कि उनके रिश्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई बड़े बीजेपी नेताओं से काफी अच्छे रहे हैं। लेकिन यहां कुछ ताकतें हैं जो उन्हें निशाना बना रही हैं। हमलोग छोटे लोग हैं। उन्होंने राज्य सरकार से अपील भी की कि आदिवासियों के विकास में संस्था को पार्टनर के तौर पर काम करने का मौका दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि हम अपने सभी केद्रों की आंतरिक जांच करवाएंगे।

बाल कल्याण समिति ने दर्ज कराया मामला: मिशनरीज ऑफ चैरिटी के खिलाफ राज्य की बाल कल्याण समिति ने कुछ दिनों पहले थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में संस्था पर बच्चों को बेचने का आरोप लगाया गया था। समिति का कहना है कि उसने संस्था द्वारा बेचे गए एक नवजात बच्चे को बरामद भी कर लिया है और फिलहाल बच्चे की समिति में देखभाल की जा रही है। समिति का कहना है कि जिस बच्चे को बेचे जाने को लेकर यह विवाद हुआ है उस नवजात बच्चे को उत्तर प्रदेश की रहने वाली एक दंपत्ति के हाथों 1 लाख 20 हजार रुपये में बेचा गया है। जिस युवती ने बच्चे को जन्म दिया था वह 19 मार्च को चैरिटी में आई थी। समिति ने आशंका जताई है कि चैरिटी से कई और बच्चों को भी बेचा गया है और इसमें कोई बड़ा गिरोह शामिल हो सकता है।

पुलिस ने सेंटर में मारा छापा: प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस की टीम ने इस सेंटर पर छापा मारा। पुलिस ने यहां से एक महिला कर्मचारी को गिरफ्तार भी किया। इसके अलावा दो सिस्टरों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी हुई। बाद में इसमें से एक सिस्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि संस्था से कुछ और बच्चों को भी अवैध तरीके से बेचे जाने की बात सामने आई है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने यहां से 1 लाख 48 हजार रूपये भी जब्त किये है। पुलिस का यह भी कहना है कि हिरासत में ली गई महिलाकर्मियों ने बच्चों को बेचने की बात स्वीकार कर ली है। फिलाहल इस मामले में जांच जारी है।

आपको बता दें कि मानव तस्करी से आजाद कराई गईं वैसी नाबालिग युवतियों को निर्मल ह्रदय -मिशनरीज ऑफ चैरिटी मे आश्रय दिया जाता है जो अविवाहित रहते हुए गर्भवती हो जाती हैं।

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