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मुस्लिम मुख‍िया बनेगी बीजेपी की मुस्लिम आवाज, सीएम रघुवर दास भी मिसफिका के मुरीद

दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की पूर्व रिसर्च फैलो मिसफ़िका झारखंड बीजेपी की नया प्रदेश प्रवक्ता बन सकती हैं। मिसफ़िका, राज्य के पाकुड़ जिले की ऐलामी पंचायत की मुखिया भी हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम रघुबर दास के साथ, एम्‍स अस्‍पताल, दिल्‍ली की पूर्व रिसर्च फैलाे और भाजपा नेता मिसफि़का। फोटो- Twitter

झारखंड की बीजेपी में एक बड़ा परिवर्तन हो सकता है। दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की पूर्व रिसर्च फैलो मिसफ़िका झारखंड बीजेपी की नई प्रदेश प्रवक्ता बन सकती हैं। मिसफ़िका, राज्य के पाकुड़ जिले की ऐलामी पंचायत की मुखिया भी हैं। द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, मिसफ़िका के नाम की सिफारिश दिल्ली के आलाकमान ने की थी। मिसफ़िका के प्रबंध कौशल और उनके प्रगतिशील विचारों से मुख्यमंत्री रघुबर दास भी बेहद प्रभावित हैं। मिसफ़िका पिछले साल ही भाजपा में शामिल हुईं थीं। पार्टी का मानना है कि मिसफ़िका अल्पसंख्यक युवाओं और महिलाओं के बीच उनकी छवि को बेहतर बनाने में मदद करेंगी।

एम्‍स अस्‍पताल, दिल्‍ली की पूर्व रिसर्च फैलाे और भाजपा नेता मिसफि़का। फोटो- Twitter

अगर मिसफ़िका के नाम पर मुहर लगती है तो वह भी अन्य प्रदेश भाजपा प्रवक्ताओं जैसे जे.बी टुबिद, प्रतुलनाथ शाहदेव, राजेश शुक्ल, प्रवीण प्रभाकर और दीनदयाल बर्णवाल की ही श्रेणी में शामिल हो जाएंगी। पार्टी के वरिष्ठ नेता ने द टेलीग्राफ से बताया कि मिसफ़िका का नाम हालांकि तीन महीने पहले छांट दिया गया था। लेकिन भाजपा के राष्ट्रीय संगठन सचिव रामलाल ने निर्देश दिया था कि राज्य इकाई को कम से कम एक महिला प्रवक्ता नियुक्त करनी ही चाहिए।

भाजपा के वरिष्ठ नेता ने द टेलीग्राफ को बताया, ”अधिक पार्टी प्रवक्ता नियुक्त करने की चर्चा चल रही है। मिसफ़िका के नाम का भी सुझाव आया था। प्रवक्ता के तौर पर वह आधुनिक विचारों वाली और प्रगतिवादी महिला हैं। जिस दिन से वह भाजपा में शामिल हुई हैं, वह लगातार सक्रिय रही हैं। वह पूरी शिद्दत से अल्पसंख्यक समुदाय के मुद्दों को समझती हैं। राज्य सरकार और भाजपा ने मुस्लिमों के लिए क्या—क्या किया है? वह पूरी संजीदगी से लोगों को समझाने में सक्षम हैं।

मिसफ़िका, नई दिल्ली के एम्स अस्पताल में बायोटेक की छात्रा थीं। उन्‍होंने कैंसर की दवाओं पर बतौर जूनियर रिसर्च फैलो काम किया था। वह अगस्त 2015 में अपने घर यूपीएससी (मेन्स) की तैयारी करने के लिए आईं थीं। उसी वक्त उन्होंने स्थानीय चुनावों में अपना पर्चा भर दिया और भारी मतों से जीत गईं। भाजपा में शामिल होने के बाद वह सक्रिय रूप से पिछले साल हुए लिट्टीपुरा उपचुनाव में प्रचार किया था। हालांकि इस चुनाव में भाजपा के हेमलाल मुर्मू की हार हुई और झारखंड मुक्ति मोर्चा के सिमोन मरांडी जीत गए।

पार्टी प्रवक्ता बनाए जाने की संभावनाओं के बीच मिसफ़िका ने किसी भी टिप्पणी से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा,”मैं पार्टी में म​हिला शिक्षा और स्वरोजगार के लिए काम करने वाली जमीनी कार्यकर्ता हूं। मैंने सैकड़ों मुस्लिम महिलाओं और युवाओं को भाजपा में शामिल होने की प्रेरणा दी है। मैं भाजपा की राज्य इकाई में शामिल हुई हूं और मैंने संथाल परगना में सरकार के विकास कार्यों को करीब से देखा है। मुझे नरेंद्र मोदी सरकार की अल्पसंख्यकों के लिए बनाई गई नीतियां भी पसंद हैं। मैं तीन तलाक और हलाला के खिलाफ जागरूकता अभियान भी चला रही हूं और महिलाओं की मदद भी कर रही हूं।”

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