सीएम के मोबाइल में नहीं आ रहा था नेटवर्क, BSNL अधिकारियों को घर से उठा ले गई पुलिस

बीएसएनएल के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर पीके सिंह और असिस्टेंट जूनियर टेलीकॉम ऑफिसर संजीव कुमार को उनके घर से उठा लिया। दोनों अधिकारियों को सजा के तौर पर तीन घंटे थाने में बैठा के रखा गया।

झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास (फोटो सोर्स : Indian Express)

मोबाइल नेटवर्क की समस्या आए दिन खबरों में रहती है। इसी समस्या से झारखंड के मुख्यमंत्री रघुूबर दास भी घिर गए। जिसके चलते पुलिस ने भारत संचार निगम लिमिटेट (बीएसएनल) के दो अधिकारियों को घर से उठा लिया। दरअसल, सोमवार रात राज्य के दुमका में जन चौपाल कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए मुख्यमंत्री रघुबर दास राजभवन में रुके थे। जहां उनके मोबाइल में नेटवर्क नहीं आ रहे थे। उन्होंने इस पर नाराजगी भी जाहिर की।

सीएम दास की नाराजगी देख पुलिसवालों ने तुरंत एक्शन लेते हुए बीएसएनएल के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर पीके सिंह और असिस्टेंट जूनियर टेलीकॉम ऑफिसर संजीव कुमार को उनके घर से उठा लिया। दोनों अधिकारियों को सजा के तौर पर तीन घंटे थाने में बैठा के रखा गया। इसके बाद रात तीन बजे दोनों को छोड़ दिया गया। इस बारे में टाउन पुलिस स्टेशन ऑफिसर देवव्रत पोद्दार ने बताया, राजभवन में बीएसएनएल के नेटवर्क नहीं आ रहे थे। जहां मुख्यमंत्री रघुबर दास ठहरे हुए थे। जिसके चलते पुलिस ने दो अधिकारियों को घर से उठा लिया। हालांकि तीन घंटे बाद उन्हें छोड़ दिया गया।

बता दें कि, उसी दिन कडबिंधा गांव में जन चौपाल के दौरान सीएम रघुबर दास ने विपक्षियों के लिए अपशब्द का इस्तेमाल कर दिया। सीएम दास आदिवासियों और उनके विकास के बात करे रहे थे। इसी दौरान उनकी जुबां फिसल गई। यहां पर उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा के मुखिया शीबू सोरेन पर जमकर हमला किया। उन्होंने कहा, ‘सोरेन ने सत्ता में रहते कोई कार्य नहीं किया। बल्कि उनके परिवार ने सीएनटी-एसपीटी एक्ट का उल्ल्ंघन कर दुमका, धनबाद और बोकारो सहित अन्य जिलों में जमीनें खरीदीं। साथ ही उन्होंने खुद की प्रापर्टी के बारे में बताया कि उनके पास सिर्फ जमशेदपुर में जमीन है’।

गौरतलब है कि, 1995 से रघुबर दास सक्रिय राजनीति में हैं। वे पांच बार विधायक बने हैं। रघुबर दास ने 28 दिसंबर 2014 को राज्य के पहले गैर आदिवासी मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी।

 

पढें झारखंड समाचार (Jharkhand News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट