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अवैध शराब पर छापा: मौके पर मिले थे बीजेपी विधायक-मेयर, पार्टी ने महिला अफसर के खिलाफ खोला मोर्चा

मेयर ने आरोप लगाया कि एसडीएम ने जातिसूचक शब्‍दों का प्रयोग किया। शराब-पार्टी के आरोप पर उन्‍होंने कहा कि 'दारू की बात साबित हो गई तो तत्‍काल मेयर पद से इस्‍तीफा दे दूंगा।' मेयर ने यहां तक कहा कि एसडीएम उनकी हत्‍या भी करा सकती हैं।

चित्र का इस्‍तेमाल केवल प्रस्‍तुतिकरण के लिए किया गया है।

झारखंड के गिरिडीह में भाजपा नेताओं ने एक महिला अधिकारी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एसडीएम विजया जाधव ने गुरुवार (7 जून) की रात यहां के जायका रेस्‍तरां में छापेमारी की थी। जहां उन्‍हें मौके पर से स्‍थानीय बीजेपी विधायक निर्भय शाहाबादी, मेयर सुनील पासवान, डिप्‍टी मेयर प्रकाश सेठ सहित कई पार्षद मिले। एसडीएम के अनुसार, रेस्‍तरां में अवैध तरीके से शराब की बिक्री होने के साथ-साथ ग्राहकों को भी परोसा जा रहा था। जिस मेज के चारों ओर बैठकर बीजेपी के यह नेता बैठक कर रहे थे, उसपर से महंगी शराब की बोतलें जब्‍त हुई हैं। एसडीएम ने रेस्‍तरां को सील कर दिया है।

शुक्रवार को पार्टी नेताओं ने एसडीएस को अपनी कार्यशैली में सुधार लाने की नसीहत दी। शाहाबादी के आवासीय कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में गिर‍िडीह विधायक, गांडेय विधायक जयप्रकाश वर्मा, जमुआ विधायक केदार हाजरा व मेयर मौजूद रहे। मेयर ने कहा कि पार्टी के समरसता कार्यक्रम को लेकर पार्षदों संग बैठक चल रही थी। बैठक के बाद विधायक निकल गए। तभी एसडीएम का काफिला आया। मेयर के अनुसार, एसडीएम ने सारी मर्यादाओं को ताक पर रख दिया। जब कार्रवाई का विरोध गया तो एसडीएम ने कहा कि चिल्‍लाओ मत, यह तुम्‍हारा दफ्तर नहीं है। मेयर ने आरोप लगाया कि एसडीएम ने जातिसूचक शब्‍दों का प्रयोग किया। शराब-पार्टी के आरोप पर उन्‍होंने कहा कि ‘दारू की बात साबित हो गई तो तत्‍काल मेयर पद से इस्‍तीफा दे दूंगा।’

मेयर ने तो यहां तक कहा कि एसडीएम उनकी हत्‍या भी करा सकती हैं। उन्‍होंने आरोप लगाया कि छापेमारी के बाद जब वह घर पहुंचे तो उनके पास अनजान मोबाइल नंबर से कॉल कर धमकी दी गई। विधायक शाहाबादी ने कहा कि अधिकारियों को मनमर्जी करने की छूट नहीं है। उन्‍होंने कहा, ”शराब का सेवन हो रहा था तो एसडीएम ने मेडिकल जांच क्‍यों नहीं कराई। तानाशाह बनकर काम कर रही हैं।”

जमुआ विधायक ने कहा कि एक-दो दिन में एसडीएम की कार्यप्रणाली का असर सामने आ जाएगा। उन्‍होंने कहा कि एसडीएम में अनुभव का अभाव है। जनप्रतिनिधियों संग कैसा व्‍यवहार किया जाना है, यह शायद उन्‍हें मालूम नहीं।

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