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केंद्रीय मंत्री ने मॉब लिंचिंग के दोषियों का किया स्वागत, हार भी पहनाया

केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने झारखंड के रामगढ़ मॉब लिंचिंग मामले में दोषी करार दिए गए आठ लोगों को जमानत मिलने पर गुरुवार (5 जुलाई) को उनका फूलों के हार पहनाकर स्वागत किया। मॉब लिंचिंग दोषियों का स्वागत करने पर विपक्ष ने जयंत सिन्हा को आड़े हाथों लिया

केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा की फाइल फोटो। (सोर्स- फेसबुक)

केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने झारखंड के रामगढ़ मॉब लिंचिंग मामले में दोषी करार दिए गए आठ लोगों को जमानत मिलने पर गुरुवार (5 जुलाई) को उनका फूलों के हार पहनाकर स्वागत किया। मॉब लिंचिंग दोषियों का स्वागत करने पर विपक्ष ने जयंत सिन्हा को आड़े हाथों लिया है और बीजेपी पर जानबूझकर सांप्रदायिक तनाव को हवा देने का आरोप लगाया है। मामले में उम्रकैद की सजा पाने वाले बीजेपी कार्यकर्ता समेत आठ दोषियों को जमानत मिली तो उन्होंने जय प्रकाश नारायण सेंट्रल जेल से सीधे केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा के घर का रुख किया, जहां मंत्री ने फूलों की माला पहनाकर उनका स्वागत किया। दोषियों का नेतृत्व स्थानीय भाजपा नेता अमरदीप यादव ने किया था, जोकि पार्टी के ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष भी हैं। नेटवर्क 18 की खबर के मुताबिक पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के नेता हेमंत सोरेन ने कहा कि यह एक बेहद संवेदनशील मामला था और सिन्हा ने जो किया वह बिल्कुल केंद्रीय मंत्री का अनुचित काम था।

झारखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजॉय कुमार ने आरोप लगाया कि राज्य की रघुवर दास सरकार और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार अपने वादों को पूरा करने में नाकाम रही है इसलिए सांप्रदायिक भावनाओं को भड़काने का काम कर रही है। अजॉय कुमार ने कहा, ”ऐसे तत्वों के लिए किसी तरह का समर्थन दु:खद है, यह बीजेपी का असली रंग है, वे बस चुनाव जीतना चाहते हैं और उसके लिए नेता किसी भी हद के पार जा सकते हैं।”

बता दें कि पिछले वर्ष 27 जून को हजारीबाग जिले के रामगढ़ इलाके में करीब 100 गोरक्षकों ने गोमांस ले जा रहे एक ट्रक पर धावा बोल दिया था और उसके ड्राइवर अलीमुद्दीन अंसारी की दिनदहाड़े पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। सिन्हा हजारीबाग लोकसभा सीट से ही सांसद हैं। भीड़ के द्वारा अंजाम दी गई उस भयानक वारदात ने देशभर को दहला दिया था और मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में चली थी, जिसमें इस वर्ष 21 मार्च को सुनवाई पूरी हो गई थी। अदालत ने मामले में दोषी पाए गए 11 लोगों के लिए उम्रकैद की सजा मुकर्रर कर दी थी। हालांकि जयंत सिन्हा ने इसी वर्ष अप्रैल में मामले में पुलिस जांच पर सवाल उठाया था और इसके लिए सीबीआई जांच की मांग की थी। सभी दोषियों ने झारखंड हाईकोर्ट का रुख किया था जिनमें आठ लोगों को पिछले 29 जून को जमानत मिल गई थी।

बीजेपी नेता अमरदीप ने मीडिया को बताया कि सिन्हा को हमेशा लगता था कि निर्दोष लोगों को मामले में फंसाया गया है, इसलिए उन्होंने व्यक्तिगत क्षमता के हिसाब से उनकी कानूनी और आर्थिक तौर पर सहायता प्रदान की। निर्दोष लोगों के समर्थन करने में कुछ भी गलत नहीं है। बीजेपी नेता ने निकट भविष्य में बाकी तीन लोगों के भी जेल से बाहर आने की उम्मीद जताई और कहा कि जयंत सिन्हा ने व्यक्तिगत तौर पर मामले के दस्तावेजों को देखा और वकीलों से बात की थी। हालांकि मंत्री जयंत सिन्हा मामले पर टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं रहे।

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