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‘तुम्हारे पापा बीजेपी नेता हैं’, मुस्लिम शख्स के बेटे को पढ़ाने से स्कूल का इनकार!

झारखंड के एक स्कूल के प्रबंधन पर छात्रों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक धनबाद जिले के पांडरपाला के आजाद नगर स्थित एक मुस्लिम स्कूल से एक छात्र को कथित तौर पर इसलिए निकाल दिया गया क्योंकि उसके पिता भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता है।

तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है। (फोटो सोर्स- pixabay)

झारखंड के एक स्कूल के प्रबंधन पर छात्रों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक धनबाद जिले के पांडरपाला के आजाद नगर स्थित एक मुस्लिम स्कूल से एक छात्र को कथित तौर पर इसलिए निकाल दिया गया क्योंकि उसके पिता भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक सैयद महताब आलम प्रदेश की बीजेपी अल्पसंख्यक कार्य समिति के सदस्य हैं और उनका बेटा नर्सरी कक्षा में पढ़ रहा था। सैयद महताब आलम ने आरोप लगाया है कि स्कूल प्रबंधन को जब से यह पता चला है कि वह भारतीय जनता पार्टी के नेता हैं, उन्होंने उनके बच्चे को स्कूल में पढ़ाने से इनकार कर दिया। सैयद महताब आलम के मुताबिक पहले उनका बच्चा रोजाना स्कूल जा रहा था लेकिन स्कूल के भेदभाव पूर्ण रवैये की वजह से उसे शिक्षा नहीं मिल पा रही है। बच्चे के पिता इस बात की शिकायत जिला शिक्षक अधीक्षक के पास ले गए।

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सैयद महताब आलम ने मीडिया को बताया कि उनका बच्चा एक मुस्लिम स्कूल में पढ़ने जाता था। स्कूल की तरफ से भारतीय जनता पार्टी को मुस्लिम विरोधी पार्टी करार दिया गया है। इसकी गाज उनके बच्चे पर गिरी है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक मामले के सुर्खियों में आने बाद मुस्लिम स्कूल की प्राचार्या नाजनीन खान बैकफुट पर हैं और उन्होंने सभी आरोपों से इनकार किया है। नाजनीन खान का कहना है कि सैयद महताब आलम के बच्चे को भाजपा के आधार पर निकाले जाने वाली कोई बात नहीं है। उन्होंने बताया कि स्कूल में बीजेपी नेता के बच्चे का नामांकन पिछले सत्र यानी 2017-18 तक के लिए था और 2018-19 सत्र के लिए अभी उन्होंने नामांकन नहीं कराया है।

बीजेपी नेता से शिकायत मिलने के बाद जिला शिक्षा अधीक्षक ने सक्रियता दिखाते हुए पूरे मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की है और जांच के बाद दोषी पाये जाने पर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है। जिला शिक्षा अधीक्षक ने कहा है कि स्कूलों में धर्म, जाति, दल आदि को लेकर भेदभाव नहीं किया जाता है। अगर आरोप सही निकले तो स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई का चाबुक चलेगा।

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